
RKTV NEWS/दुमका ( झारखंड)08 दिसंबर।समाहरणालय सभागार में उपायुक्त अभिजीत सिन्हा की अध्यक्षता में वृद्धाश्रम, मूक-बधिर विद्यालय, बालक/बालिका गृह, रिमांड होम एवं समाज कल्याण विभाग अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में उपायुक्त ने वृद्धाश्रम, मूक-बधिर विद्यालय, बालक/बालिका गृह, रिमांड होम संस्थानों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त की। वृद्धाश्रम में पेयजल आपूर्ति की समस्या पर गंभीरतापूर्वक संज्ञान लेते हुए उन्होंने अविलंब पेयजल व्यवस्था सुचारू करने का निर्देश दिया। रिमांड होम में प्रकाश व्यवस्था सुदृढ़ करने हेतु उन्होंने सोलर लाइट स्थापित कराने तथा सुरक्षा दृष्टिकोण से सभी आवश्यक बिंदुओं पर सीसीटीवी कैमरे लगाने से संबंधित आवश्यक कार्रवाई करने का निदेश दिया। मूकबधिर विद्यालय में प्रोजेक्टर एवं फ़िल्टर लगाए जाने की सूचना भी बैठक में साझा की गई।
समाज कल्याण विभाग की समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने सेविका एवं सहायिका के रिक्त पदों को नियमानुसार शीघ्र भरने का निर्देश दिया। साथ ही पोषण ट्रैकर ऐप को नियमित रूप से अपडेट रखने की बात कही। सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन विद्यालयों में किशोरियों का पंजीकरण अपेक्षाकृत कम है, उन्हें चिह्नित कर सभी पात्र लाभार्थियों को शीघ्रता से योजना के दायरे में लाया जाए।कन्यादान योजना के संदर्भ में भी उन्होंने लक्ष्य के अनुरूप पात्र लाभुकों को अधिकतम संख्या में योजना का लाभ प्रदान करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने कहा कि जिन सहायिकाओं द्वारा अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारीपूर्वक नहीं किया जा रहा है, उन्हें चयनमुक्त किया जाएगा। उन्होंने 10 दिनों से अधिक समय से बंद आंगनबाड़ी केंद्रों की जिम्मेदार सहायिकाओं को भी चयनमुक्त करने का निर्देश समाज कल्याण पदाधिकारी को दिया।
गोपीकांदर प्रखंड में आंगनबाड़ी केंद्रों के कम दिनों तक संचालित होने पर उन्होंने सीडीपीओ से स्पष्टीकरण मांगा तथा 12 केंद्रों की सेविकाओं से भी स्पष्टीकरण करने को कहा। उन्होंने दो ऐसी एलएस की वेतन निकासी अगले आदेश तक रोकने का निर्देश दिया, जिनकी आंगनबाड़ी केंद्रों में विजिट 10 दिन से कम पाई गई।
उपायुक्त ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र नियमित रूप से खुलें और सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध रहें, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि वैसे आंगनबाड़ी केंद्र जहां छोटे स्तर पर मरम्मती की आवश्यकता है, वहाँ प्रस्ताव भेजकर त्वरित मरम्मति कार्य कराया जाए।
बैठक में विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाओं की समग्र समीक्षा की गई और उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
