
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)02 मई। गुरुवार को अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस समारोह दिशा एक प्रयास के सभागार,पुरानी पुलिस लाइन आरा में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम का उद्घाटन आरा सिविल कोर्ट के नोटरी पदाधिकारी प्रमोद कुमार राय अधिवक्ता ने दीप प्रज्वलन कर किया। इस अवसर पर देश के प्रसिद्ध साहित्यकार जितेंद्र राय अंत्योदय, दिशा एक प्रयास की सचिव कुमारी सुनिता सिंह, चेतन मंडल के सचिव रामनाथ ठाकुर तथा बचपन बचाओ आंदोलन के संयोजक वेंकटेश राय ने भी उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने मज़दूरों की ऐतिहासिक संघर्षगाथा को रेखांकित करते हुए बताया कि मज़दूर दिवस केवल एक पर्व नहीं, बल्कि उस संघर्ष और बलिदान की याद है जिसने श्रमिक वर्ग को उनके अधिकार दिलाए। सन् 1886 में शिकागो (अमेरिका) में मज़दूरों द्वारा किए गए आंदोलन और उनके बलिदान को याद करते हुए वक्ताओं ने कहा कि वह चिंगारी आज भी श्रमिकों के हक़ और सम्मान की लौ जलाए हुए है।
प्रमोद कुमार राय अधिवक्ता ने अपने संबोधन में कहा “मज़दूर की मेहनत केवल ईंट-पत्थर नहीं जोड़ती, वह राष्ट्र की नींव मजबूत करती है। श्रमिकों के हाथों में देश की असली ताक़त है और हमें उनके श्रम को नमन करते हुए उन्हें संपूर्ण सामाजिक और आर्थिक सम्मान देना चाहिए।”साहित्यकार जितेंद्र राय अंत्योदय ने के माध्यम से बताया कि “श्रमिक का पसीना जब धरती को भीगा देता है, तभी फसलें लहलहाती हैं, इमारतें खड़ी होती हैं और देश आगे बढ़ता है।”
जस्ट राइट्स चिल्ड्रेन के सहयोगी साथी दिशा एक प्रयास की सचिव कुमारी सुनिता सिंह ने सभी मजदूर को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संगठित होकर ही श्रमिक वर्ग अपने अधिकारों की रक्षा कर सकता है।श्रम का सम्मान ही सच्चा राष्ट्र निर्माण है और मज़दूर ही भारत की असली जान है।
रामनाथ ठाकुर ने सभी श्रमिकों को शुभकामनाएं दी।वेंकटेश राय ने बाल श्रम और श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया।कार्यक्रम के अंत में श्रमिकों को उपहार देकर सम्मानित किया गया।इस कार्यक्रम में कुमुद कुमार सिंह, आनंद कुमार, रजत कुमार, तारा शेखर, रिचा कुमारी, अंजली कुमारी, राजेश कुमार राय, संजीत कुमार सिंह, बीरेंद्र कुमार, अखिलेश कुमार यादव, अमन राज, सुनीता देवी और सुषमा कुमारी आदि शामिल थे।
