
RKTV NEWS/देवघर ( झारखंड)12 मई।आज समाहरणालय में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी शशि प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में पर्यटन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के पर्यटन स्थलों के विकास और खेल बुनियादी ढांचे की मजबूती पर चर्चा करते हुए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व उचित दिशा निर्देश दिया गया।
स्टेडियमों के बेहतर संचालन हेतु बनेगी स्थानीय समिति
बैठक के दौरान उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने जिले के दस प्रखंडों में नवनिर्मित स्टेडियमों के समुचित रख-रखाव और सदुपयोग पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि स्टेडियमों के सही संचालन हेतु स्थानीय स्तर पर प्रबंधन समितियों का गठन किया जाए। उपायुक्त ने बताया कि 10 में से 06 प्रखंडों में स्टेडियम का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जबकि शेष 04 स्टेडियमों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का कड़ा निर्देश कार्यपालक अभियंता को दिया गया। आगे बैठक के दौरान जिले में पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए उपायुक्त ने नंदन पहाड़ और डिगरिया पहाड़ को प्रमुख पर्यटक केंद्र के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया। उन्होंने संबंधित कार्यपालक अभियंता को इन क्षेत्रों के लिए विस्तृत कार्य योजना और डीपीआर जल्द से जल्द तैयार करने को कहा। इसके अतिरिक्त, कजरा शिवधाम के विकास कार्यों को अविलंब शुरू करने का भी आदेश दिया गया। आगे कुमैठा स्टेडियम की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए उसे समय पर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि स्टेडियम का लाभ अधिक से अधिक बच्चों को मिलना चाहिए। इसके लिए उन्होंने स्पोर्ट्स टीचर्स के माध्यम से बच्चों को विधिवत प्रशिक्षित करने की कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया, ताकि स्थानीय खेल प्रतिभाओं को निखारा जा सके।
उपायुक्त ने की 44 योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा
बैठक में जिले के विभिन्न प्रखंडों में चल रही कुल 44 विकास योजनाओं की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि पर्यटन क्षेत्रों के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी योजनाओं को तय मानक और गुणवत्ता के साथ समय पर पूर्ण करना अनिवार्य है। इस दौरान उपरोक्त के अलावा उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, अनुमंडल पदाधिकारी देवघर रवि कुमार, जिला खेल पदाधिकारी संतोष कुमार, कार्यपालक अभियंता एनआरपी, जिला परिषद, भवन निगम लिमिटेड, ग्रामीण विकास विभाग, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी व संबंधित अधिकारी एवं कर्मी आदि उपस्थित थे।
