तैलीय चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर अर्पित की गई पुष्पांजलि।
स्वतंत्रता संग्राम में उनकी अहम भूमिका के साथ उनकी लेखन कौशल कला पर की गई विस्तृत चर्चाएं।
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)03 दिसंबर। आज देश के प्रथम राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ राजेंद्र प्रसाद की जयंती स्वामी विवेकानंद समाज कल्याण संस्थान के तत्वाधान में स्थानीय बंधन टोला स्थित मां आश्रम में मनाई गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के संस्थापक प्रदीप श्रीवास्तव द्वारा देश रत्न के तैलीय चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित और पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों द्वारा भी डॉ राजेंद प्रसाद को श्रद्धा सुमन स्वरूप पुष्पांजलि अर्पित की गई।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदीप श्रीवास्तव ने डॉ राजेंद्र प्रसाद के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि बिहार के सिवान जिले में 03 दिसंबर 1884 को जन्मे डॉ राजेंद्र प्रसाद ने कैलीफोर्निया यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा ग्रहण की। वे एक महान नेता,स्वतंत्रता सेनानी और विद्वान थे। उन्होंने भारत की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
वहीं कार्यक्रम में शामिल संस्थान के कोषाध्यक्ष गोपाल नंदन ,पप्पू सिन्हा,रविकांत श्रीवास्तव, कृष्णा प्रसाद, अधिवक्ता शत्रुध्न सिंह, आनंद मोहन,मीना सिन्हा,रेखा सिन्हा,पुतुल देवी,सिंपल देवी आदि ने भी अपने अपने वक्तव्यों में डॉ राजेंद्र प्रसाद को नमन करते हुए उनके व्यक्तित्व , स्वतंत्रता संग्राम में उनकी भूमिका और राजनीतिक जीवन की विस्तृत रूप में विवेचना की। वक्ताओं ने उनके लेखन कौशल कला की भी सराहना करते हुए उनके द्वारा लिखी गई पुस्तकों में प्रमुख रूप से “इंडिया डिवाइडेड” और” आत्मकथा” पर भी प्रकाश डाला।

