
RKTV NEWS/दरभंगा(बिहार )29 जून।दरभंगा जिला के सदर प्रखण्ड के सारा-मोहम्मदपुर गाँव की रंजू देवी का जीवन अत्यधिक कठिनाइयों से गुजरा है।
रंजू देवी के पति अमृत सहनी ईंट भट्टे पर मजदूरी का कार्य करते थे। उनके मामूली आय से पार्वती देवी के परिवार का भरण-पोषण भी अच्छे से नहीं हो पाता था घर में आर्थिक तंगी का माहौल रहता था। दो वक्त का भोजन जुटा पाना भी मुश्किल हो जाता था।
आर्थिक समस्या से निजात पाने के उद्देश्य से रंजू देवी खुद भी पति के साथ मजदूरी कर जीवन यापन करने लगी। रंजू देवी को जीविका समूह के बारे में जानकारी मिलने पर कृष्णा जीविका स्वंय सहायता समूह से जुड़कर रंजू देवी हस्ताक्षर करने के साथ-साथ समूह के अन्य क्रियाक्लापों को समझीं।
रंजू देवी के आत्मविश्वास व कार्य-कुशलता में भी सकारात्मक वृद्धि हुयी। रंजू देवी को परंपरागत रूप से मखाना को खेती से संबंधित सभी कार्यों की जानकारी थी थी लेकिन पूंजी के अभाव में अपना खुद का कार्य नहीं कर पाती थी।
दीदी ने मखाना की खेती करने के लिए प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना के तहत बीज पूंजी, के लिए आवेदन दिया जिससे दीदी को 30 हजार व सुहाग ग्राम संगठन से 10 हजार कुल 40,000 रूपये का ऋण प्राप्त हुआ। जिसकी सहायता से दीदी ने एक तालाब वार्षिक किराये (भरना) पर लेकर मखाना की खेती का कार्य प्रारंभ किया।
इस कार्य से रंजू देवी को अच्छा मुनाफा हो रहा है। रंजू देवी मेहनत और लग्न के साथ कार्य करती हैं। मखाना के बाद तालाब में सिंहारा की खेती भी करती हैं और सिंहारा निकाल लेने के बाद ही तालाब में मछली पालन का भी कार्य करती हैं। इस तरह से एक ही वर्ष में तालाब में तीन तरह के कार्य कर तिगुना लाभ अर्जित कर रहीं हैं। रंजू दीदी तालाब में मुख्यतः रेहू, नैनी, बिकेट, सिल्वर व भाखुड़ प्रजाति की मछलियां पालन करती हैं। मछली पालन के साथ घोंघा व केकड़ा पालन भी करती हैं।
रंजू देवी कहती हैं कि “जीविका से जुड़ कर जीवन में बदलाव आया है अब अपना काम कर सम्मान के साथ आय में भी वृद्धि हुयी है। कि वो कहती है मेरे जीवन में जो बदलाव आया है वो सब जीविका की ही देन है।”
रंजू देवी ने हार न मानते हुए कड़ी मेहनत और लग्न से अपने कार्य को सुचारू रूप से संचालित किया, जिससे दीदी के प्रयास का सकारात्मक परिणाम नज़र आने लगा और दीदी की आय में बढ़ोत्तरी होती गयी इससे आज दीदी की मासिक आय लगभग 7000 से 10000 तक हो पाती है।
जीविका के सहयोग से रंजू दीदी मखाना की खेती से लेकर व्यवसायी बन कर विकास पथ पर निरंतर आगे बढ़ रही हैं। पति के साथ पूरा परिवार भी रंजू दीदी का सहयोग कर रहा है।
