
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)28 जुलाई ।स्थानीय मानसरोवर कॉलोनी स्थित सावित्री श्याम संगीत महाविद्यालय में संगीत शिरोमणि एवं संगीत मार्तंड, प्रख्यात मृदंगवादक शत्रुंजय प्रसाद सिंह ‘ललन जी’ की जयंती श्रद्धा एवं सांगीतिक गरिमा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत नन्हीं छात्राओं द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं ललन जी के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।महाविद्यालय की केंद्राधीक्षक कावेरी मोहन ने अतिथियों का स्वागत किया। इसके बाद प्रो. श्याम मोहन अस्थाना द्वारा ललन जी पर रचित गीत “तुम ओ विद्या के वरद पुत्र” की छात्राओं ने सामूहिक प्रस्तुति दी। हारमोनियम पर कावेरी मोहन तथा तबले पर कृष्णकांत मानस ने संगत की।वरिष्ठ पत्रकार, रंगकर्मी एवं समिति सदस्य शमशाद प्रेम ने ललन जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके संगीत योगदान को याद किया।कार्यक्रम में नवोदित कलाकार सुनिधि, रितुराज, नंदिनी और आरोही ने राग बिहाग में छोटा ख्याल प्रस्तुत किया। वहीं नन्हीं नृत्यांगनाओं अविशी मिश्रा, अस्मिता मुखर्जी, वाग्मी, वेदिका, आराध्या और अदिति ने तीनताल में मनमोहक कथक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। शैलेंद्र कुमार सिंह एवं आकर्षि ने बोल प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का समापन नंदिनी, आकांक्षा, अक्षिता, निहालिका, अदिति श्री और श्रव्या द्वारा प्रस्तुत कजरी नृत्य से हुआ। धन्यवाद ज्ञापन डब्लू कुमार ने किया।इस अवसर पर चंद्रभूषण पांडे, हरिश्चंद्र साह, बबीता सहित अनेक गणमान्य अतिथि, अभिभावक, छात्र-छात्राएं एवं संगीत प्रेमी उपस्थित रहे।
