माले ने आरा शहर में निकाला जुलूस!
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)12 फरवरी।भारत-अमेरिका कृषि समझौता रद्द करने व चार श्रम कोड कानून को वापस लेने की मांग को लेकर देश के सभी ट्रेड यूनियनों के राष्ट्रीय हड़ताल के समर्थन में भाकपा-माले ने बस स्टैंड आरा में लगभग एक घंटा सड़क जाम किया!
सड़क जाम के बाद जुलूस निकालकर शहर के विभिन्न मार्गो से होते हुए आरा रेलवे स्टेशन परिसर में पहुंचकर सभा आयोजित किया गया!
इस दौरान सभा को संबोधित करते भाकपा-माले नेताओं ने कहा कि हम देश के अन्नदाता हैं,और सरकारों की गलत नीतियों या कार्पोरेट पक्षी नीतियों के कारण हम ही भूखी नंगी अवस्था में पहुंच चुके हैं!हमें अनदेखा करना देश को भारी महंगा पड़ेगा!देश के आवाम के सामने खाद्यान्य संकट पैदा होगा और पूरा पर्यावरण का संतुलन बिगड़ जाएगा!
उन्होंने आगे कहा कि भारत-अमेरिका कृषि समझौता सबसे पहले रद्द किया जाए!सिंचाई कृषि जीवन का मूल आधार है इसलिए सभी सिंचाई परियोजनाओं का जीर्णोद्धार करते हुए नए का निर्माण किया जाए!विशेष भूमि सर्वेक्षण कार्य के रूप को बदलते हुए सभी तरह की जमीन ( कृषि व वास) के भौतिक सत्यापन के जरिय किसानों को खेती की जमीन का और गरीबों को वास की जमीन का कागजात मुहैया कराए जाएं,और भौतिक सत्यापन के जरिए खेती करने वाले किसानों बटाईदार समेत सब का पंजीकरण कर उन्हें किसान सम्मान निधि और कृषि क्षेत्र में मिलने वाली सभी सुविधाएं मुहैया कराए जाएं!
एमएसपी की कानूनी गारंटी के साथ सभी फसलों की सरकारी खरीद की गारंटी की जाए। एपीएमसी एक्ट की पुनर्बहाली के साथ सभी कृषि मंडियों को चालू किए जाएं।बिजली के निजीकरण पर रोक लगाते हुए स्मार्ट मीटर की वापसी और किसानों को कृषि कार्य हेतु मुफ्त बिजली देने का प्रबंध किया जाए!बलपूर्वक व अंधाधुन कृषि भूमि अधिग्रहण पर रोक लगाई जाए व कृषि भूमि अधिग्रहण में 2013 के कानून का अक्षरशः पालन करते हुए समुचित मुआवजा व पुनर्वास का प्रबंध किया जाए!तीन काले कृषि कानूनों को चोर दरवाजे से लागू करने की नीयत से लाए गए ” कृषि विपणन पर नया राष्ट्रीय प्रस्ताव ” वापस लिए जाएं!मजदूरों को कॉर्पोरेट गुलाम बनाने वाली चार श्रम संहिता(श्रम शक्ति कानून 2025)को अविलंब वापस लिए जाएं!
8.केंद्रीय ऊर्जा विभाग द्वारा प्रस्तावित कॉर्पोरेट पक्षीय विद्युत विधेयक 2025 को अविलंब वापस लिए जाएं!वी बी ग्राम जी के कानून को अविलंब वापस लिया जाए व मनरेगा को पुनर्बहाल किया जाए!
देश के लोगों के स्वास्थ के साथ खिलवाड़ करने वाली केंद्रीय कृषि विभाग द्वारा प्रस्तावित ” बीज विधेयक 2025″ को अविलंब वापस लिया जाए!
गन्ना किसानों,फल-सब्जी उत्पादक किसानों,मछली-मुर्गी पालक किसानों,केला-मक्का,मखाना उत्पादक किसानों,दूध उत्पादक किसानों के उत्पादों का भी सी टू प्लस पच्चास प्रतिशत एमएसपी तय कर उनके उत्पाद को भी सरकारी खरीद की गारंटी किया जाए!
किसानों के सभी फसलों को सार्वजनिक बीमा कंपनियों से बीमा कराई जाए!60 वर्ष पूरा कर चुके सभी किसानों महिला पुरुष को 10000रुपया मासिक पेंशन का प्रबंध किया जाए!अगर सरकार इन मांगों को पूरा नहीं करेगी तो इससे बड़ा आंदोलन खड़ा करेगी!
सड़क जाम में भाकपा-माले केंद्रीय कमेटी सदस्य अभ्युदय,राजू यादव,राज्य कमेटी सदस्य व अगियांव के पूर्व विधायक शिवप्रकाश रंजन,राज्य कमेटी सदस्य विजय ओझा,नगर सचिव सचिव सुधीर कुमार सिंह,राज्य कमेटी सदस्य क्यामुद्दीन अंसारी,आइसा जिला सचिव विकास कुमार,रौशन कुशवाहा,अमन कुशवाहा,हरेंद्र सिंह,विष्णु ठाकुर,संगीता सिंह,विशाल कुमार,सुशील यादव,अजय गांधी,निरंजन केसरी,सुरेश सिंह,सुरेश पासवान,संतविलास राम,हरेराम सिंह,हरिनाथ राम,साहिल अरोरा,कलावती देवी,राजेश गुप्ता,रितेश कुमार,सहित दर्जनों नेता शामिल थे!


