
हज कमेटी ऑफ़ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष सलामतुल्लाह ने टीम अमानुल्लाह को दिया समर्थन।

इस बार जागरूक हैं आईआईसीसी के मतदाता : डॉ एम रहमतुल्लाह
नई दिल्ली/ तन्ज़ीम फात्मा,10 अगस्त।दिल्ली स्थित भारत के नामचीन सांस्कृतिक केंद्र इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर के 11 अगस्त को होने वाले चुनाव-प्रचार के आज आख़िरी दिन सभी उम्मीदवारों ने अपनी पूरी शक्ति झोंक दी है। भारत सरकार के पूर्व सचिव, चर्चित ब्यूरोक्रैट और आईआईसीसी के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार अफ़ज़ल अमानुल्लाह ने दिल्ली के कालिंदी कुंज में आयोजित 600 से अधिक मतदाताओं की एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आईआईसीसी को बचाने का इस बार आख़िरी मौक़ा है। अफ़ज़ल अमानुल्लाह ने कहा कि भ्रष्ट, अयोग्य और निष्क्रिय लोगों को सेंटर से निकालने के लिए मतदाताओं को मतदान में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वो सेंटर की गरिमा को फिर से बहाल करने और इसे समाज की आवाज़ बनाने के लिए योग्य, अनुभवी, ईमानदार और कर्मठ लोगों को निर्वाचित करें। श्री अमानुल्लाह ने कहा कि उनका मतदाता वोट देने से पहले एक बार उनका प्रोफाइल ज़रूर देखें और विचार करें।
उन्होंने कहा कि उनके पास पैंतालीस साल की सरकारी सेवा का अनुभव, साफ-सुथरी छवि और सेंटर को देने के लिए पूरा समय है।
टीम अफ़ज़ल अमानुल्लाह के प्रवक्ता और बोर्ड ऑफ़ ट्रस्टी (बीओटी) के उम्मीदवार डॉ एम रहमतुल्लाह ने कहा कि आईआईसीसी के मतदाता इस बार बहुत जागरूक हैं। वे पिछले बीस साल की कुब्यवस्था से ऊब चुके हैं। आईआईसीसी में सदस्य और ग़ैर-सदस्य में कोई अंतर नहीं है। सदस्यों के लिए कोई सुविधा नहीं है। वरिष्ठ पत्रकार और शिक्षाविद् डॉ एम रहमतुल्लाह ने कहा कि इस्लामिक सेंटर के सदस्य हर समय उपेक्षित महसूस करते हैं। इसलिए यहां के मतदाता इस बार पुरानी व्यवस्था को बदलने का मन बना चुके हैं।
हज कमेटी ऑफ़ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष और आईआईसीसी के सीनियर मेम्बर सलामतुल्लाह ने सभी पैनल की जमकर आलोचना की और कहा कि अध्यक्ष पद के कई उम्मीदवार काफ़ी उच्च पद पर पदस्थापित थे लेकिन उन्होंने एक भी ऐसा काम नहीं किया जिसको समाज याद रख सके। श्री सलामतुल्लाह ने कहा कि केवल अफ़ज़ल अमानुल्लाह आईआईसीसी के येग्य, अनुभवी, कर्मठ और सेवाभाव वाले अध्यक्ष पद के उम्मीदवार हैं। उनकी पूरी टीम उच्च शिक्षाप्राप्त और ईमान्दार है। इसलिए वो मतदाताओं से अपील करते हैं कि वो अफ़ज़ल अमानुल्लाह और उनकी पूरी टीम को भारी बहुमत से विजयी बनाएं।
उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार बदरुद्दीन ख़ान ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सचिव के रूप में जब उन्होंने सेंटर में बदलाव करने की कोशिश की तो वहां के नेक्सस ने न केवल उन्हें काम करने से रोका बल्कि आईआईसीसी की मेरी प्राथमिक सदस्यता भी छीन ली।
फिर कोर्ट ऑब्ज़र्वर ने उनकी सदस्यता दुबारा बहाल की। बीओटी के एक अन्य उम्मीदवार और दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष कमाल फ़ारूक़ी ने कहा कि अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों में अफ़ज़ल अमानुल्लाह ही एक ऐसे उम्मीदवार हैं जिनकी छवि साफ़-सुथरी है और क़ौम व मिल्लत के लिए काम करने का जज़्बा है। अफ़ज़ल अमानुल्लाह साहब के पास समय भी है और आईआईसीसी को बेहतर बनाने की इच्छाशक्ति भी है।
बीओटी के उम्मीदवारों में सिकंदर हयात ख़ान, अतहर ज़या, सैफ़ुल इस्लाम और सुहैल रफ़त के अलावा डॉ परवेज़ हयात, बिहार एमएलसी सैयद फ़ैसल अली ने भी सभा को संबोधित किया और अफ़ज़ल अमानुल्लाह की पूरी टीम को भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की।
