
RKTV NEWS/आरा(भोजपुर)12 सितम्बर।वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में छात्र संगठन आइसा ने छात्रों की विभिन्न समस्याओं को लेकर एक दिवसीय विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के माध्यम से आइसा ने विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष 7 सूत्री मांग पत्र प्रस्तुत करते हुए लंबित छात्र समस्याओं के अविलंब समाधान की मांग की।
विरोध सभा का संचालन आइसा के जिला सचिव जयशंकर प्रसाद ने किया।प्रदर्शन में विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय परिसरों में जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान करने, जर्जर भवनों का जीर्णोद्धार कराने, आंतरिक परीक्षाओं से संबंधित समस्याओं के समाधान, परीक्षा विभाग में छात्र-छात्राओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा छात्रसंघ चुनाव की तिथि घोषित करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।आइसा ने स्नातक सत्र 2026-30 में नामांकन के दौरान NCC, NSS एवं भारतीय सेना से जुड़े अभ्यर्थियों के अधिकार सुनिश्चित करने, MCA परीक्षा फॉर्म बिना विलंब शुल्क के भरने की व्यवस्था करने और परीक्षा तिथि घोषित करने की भी मांग की। इसके अलावा विभिन्न सत्रों के लंबित परिणामों में तत्काल सुधार करने तथा सेमेस्टर 3 और 5 के ऐसे छात्रों को परीक्षा प्रपत्र भरने का अवसर देने की मांग की गई, जिनका क्रेडिट निर्धारित सीमा के भीतर नहीं आ रहा है।
सभा को संबोधित करते हुए आइसा के जिलाध्यक्ष विकास कुमार ने कहा कि वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में छात्रों की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन समाधान के बजाय उन्हें लंबित रखने की नीति पर चल रहा है। उन्होंने कहा कि जलजमाव, जर्जर भवन, लंबित परिणाम, परीक्षा संबंधी अव्यवस्था और छात्रसंघ चुनाव नहीं होना विश्वविद्यालय की गंभीर प्रशासनिक विफलता है।
उन्होंने कहा कि सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन विश्वविद्यालयों की वास्तविक स्थिति इन दावों की पोल खोल रही है। “आज छात्र अपने बुनियादी शैक्षणिक और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए आंदोलन करने को मजबूर हैं। समय पर परीक्षा, समय पर परिणाम और छात्रसंघ चुनाव कोई विशेष मांग नहीं, बल्कि छात्रों का अधिकार है। छात्रसंघ चुनाव लंबे समय से लंबित है और विश्वविद्यालय प्रशासन को अविलंब इसकी तिथि घोषित करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 7 सूत्री मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आइसा छात्रों को संगठित कर आंदोलन को और व्यापक रूप देगा।
जिला सह सचिव रौशन कुशवाहा ने कहा कि लंबित परिणाम और परीक्षा संबंधी अव्यवस्था के कारण हजारों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन को पेंडिंग रिजल्ट में तत्काल सुधार कर छात्रों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए, विश्वविद्यालय के आउटसोर्सिंग एजेंसी द्वारा विश्वविद्यालय में कार्यरत कर्मचारियों पर शोषण किया जा रहा है उनका तय वेतन में कटौती किया जाता है।
आइसा नेता चंदन दास ने कहा कि विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय परिसरों में जलजमाव और जर्जर भवन छात्रों की पढ़ाई के साथ-साथ उनकी सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बन चुके हैं। प्रशासन को तत्काल जल निकासी और भवनों के जीर्णोद्धार की व्यवस्था करनी चाहिए।
आइसा नेत्री वर्षा कुमारी ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्र-छात्राओं की सुविधाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए। परीक्षा विभाग में व्याप्त अव्यवस्था को समाप्त कर सभी विद्यार्थियों के लिए सुचारु और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
आइसा नेता गौतम यादव ने कहा कि नामांकन और परीक्षा से जुड़े अधिकारों से किसी भी छात्र को वंचित नहीं किया जा सकता। NCC, NSS और भारतीय सेना से जुड़े अभ्यर्थियों के अधिकार सुनिश्चित करने के साथ-साथ MCA परीक्षा और अन्य लंबित शैक्षणिक मामलों का तत्काल समाधान किया जाना चाहिए।
आइसा ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग करते हुए कहा कि छात्रों के सवालों की अनदेखी जारी रही तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन के तरफ से विश्वविद्यालय के कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक प्रो. लालबाबू सिंह जी, अध्यक्ष छात्र कल्याण , और कुलानुशासक डॉ. नीरज कुमार वार्ता करने के लिए प्रदर्शन स्थल पर आए और वार्ता हुआ विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों द्वारा आश्वासन दिया गया कि कुलपति महोदय से आपके मांगों को अवगत कराया जाएगा और जो भी मांगे है उनका समाधान नियमानुसार किया जाएगा।
विरोध प्रदर्शन में शामिल थे, साहिल एरोरा, विवेक , मुस्कान , सागर , सुमित , अनूप, विराट, मृत्युंजय , अभिषेक, राजन, मनीष, वंश , रोहन, नवीन , विद्य।
