RK TV News
खबरें
Breaking News

गढ़वा:झारखण्ड उच्च न्यायालय के न्यायधीश की अध्यक्षता में राष्ट्रीय लोक अदालत -सह- मेगा विधिक सशक्तिकरण शिविर का आयोजन।

आमजनों से अपील, समय एवं पैसों की बचत के लिए लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन राष्ट्रीय लोक अदालत में करायें।

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के इस कार्यक्रम में सरकार द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से आमजनों को कराया गया अवगत।

मौके पर ही विभिन्न लाभुकों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से किया गया अच्छादित।

RKTV NEWS/गढ़वा ( झारखंड)12 सितंबर।राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा), नई दिल्ली के निर्देशानुसार झालसा (झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार) के नेतृत्व में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) कार्यक्रम का आयोजन झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता मे आज शनिवार को गढ़वा व्यवहार न्यायालय परिसर मे राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम मे पहुंचने पर न्यायधीश का आदिवासी परम्परा के अनुसार लोटा पानी देकर एवं गीत गाकर स्वागत किया गया। मंच पर पहुंचने के बाद कार्यक्रम का उद्घाटन करने के लिए रांची हाईकोर्ट के न्यायधीश, न्यायमूर्ति प्रदीप कुमार श्रीवास्तव के निर्देश पर पांच लाभुक महिलाओं के द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।

मौके पर जिला जज मनोज प्रसाद, डीसी पीएन मिश्रा, एसपी आसुतोष शेखर सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारी संयुक्त रूप उपस्थित हुए। कार्यक्रम मे मंच पर मौजूद अतिथियों का स्थानीय न्यायिक पदाधिकारियों के द्वारा बुके, पौधा एवं मोमेंटो देकर स्वागत किया गया।
कार्यक्रम मे जिले के सभी विभाग जिसके अंतर्गत सरकार द्वारा विभिन्न लोक कल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जाता है, का स्टॉल लगाया हुआ था, जो आम नागरिकों को सरकार द्वारा चलाई जा रही है जनकल्याणकारी योजनाओं एवं अन्य आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराए जा रहे थें। साथ ही लोक अदालत मे आए हुए मामलो का निष्पादन भी किया जा रहा था।

मौके पर न्यायमूर्ति ने कई लाभुकों के बीच चल अचल सम्पतियों का वितरण किया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए न्यायमूर्ति ने कहा कि यह गर्व की बात है कि गढ़वा न्यायपालिका के द्वारा लोक अदालत का आयोजन किया गया। अधिकारों को जान लेना ही कोई महत्व नहीं है जबतक धरातल पर इसका असर नहीं दिखे। लोग सजग हों, जागरूक हों, चैतन्य हों, तो सरकार के पास बहुत योजना है आपको देने के लिए।

उन्होंने कहा कि सरकार के पास देने को बहुत कुछ है, परन्तु जानकारी के अभाव में 70 प्रतिशत तक राशि वापस लौट जाती है। उन्होंने लोक अदालत की महत्ता के बारे में बताते हुए कहा कि छोटे मोटे विवादों को विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से निष्पादित करायें। न्याय को मिलना ही मिलना है चाहे सामाजिक न्याय हो या कानूनी न्याय हो। उन्होंने कहा कि गढ़वा मे यह भीड़ दिखाती है कि जिले की जनता जागरूक है।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गढ़वा न्यायमूर्ति मनोज प्रसाद ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय लोक अदालत के उद्देश्यों को बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के मामलों का निस्तारण किया जाता है। उन्होंने बताया कि सभी तरह के सुलहनीय आपराधिक मामले, धारा 138 पराक्रम्य लिखत अधिनियम (NI Act), मोटर वाहन दुर्घटना दावा वाद, वैवाहिक/कुटुम्ब न्यायालय संबंधी वाद, बिजली एवं पानी संबंधी मामले, मद्य निषेध अधिनियम वाद (Excise Act Cases), श्रम संबंधी विवाद, भूमि अधिग्रहण संबंधी वाद, सिविल मामले (बैंक तथा अन्य वसूली वाद), अपील संबंधी मामले, वन अधिनियम संबंधी मामले, BSNL से संबंधित मामले, अन्य सुलहनीय मामले आदि का त्वरित निस्तारण किए जाते हैं।

उन्होंने कहा कि कई मामलों में देरी, महंगे कानूनी खर्च और अदालतों में भीड़ के कारण कई लोगों के लिए न्याय पाना मुश्किल हो जाता है, खासकर कम आय वाले लोगों के लिए ऐसा है। अतः इन चुनौतियों से निबटने और तेज व किफायती कानूनी न्याय प्रदान करने के लिए लोक अदालत की अवधारणा शुरू की गई। राष्ट्रीय लोक अदालत (National Lok Adalat) का अर्थ “जनता की अदालत” है, जो पारंपरिक अदालतों के बाहर विवादों को सौहार्दपूर्ण और किफायती तरीके से सुलझाने का एक प्रभावी माध्यम है। इसका आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) द्वारा किया जाता है। उन्होंने मीडिया के माध्यम से सामान्य जनता एवम् सभी वादीगण/प्रतिवादीगण से अपील किया है कि अपने मामलों का त्वरित निष्पादन उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत के द्वारा करा कर लाभ उठायें एवम् समय तथा पैसों की बचत करें। इसमें मामलों की सुनवाई के लिए कोई कोर्ट फीस नहीं लगती है। यदि लंबित मामले का निष्पादन हो जाता है तो पूर्व में दिए गए कोर्ट फीस भी वापस किए जाने का प्रावधान है।

उपायुक्त -सह- उपाध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार गढ़वा पशुपतिनाथ मिश्रा ने अपने संबोधन में सरकार द्वारा विभिन्न विभागों के अंतर्गत चलाए जा रहे हैं जनकल्याणकारी योजनाओं से लोगों को अवगत कराया तथा जागरूक होने के पश्चात पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। इसके अतिरिक्त उन्होंने डालसा (DLSA) की आवश्यकता एवं महत्ता के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों की जनता अपनी अपनी समस्याओं को लेकर आयोजित किए जाने वाले जनसुनवाई कार्यक्रम में आते हैं जिनका यथासंभव निष्पादन कर दिया जाता है परंतु कुछ मामले ऐसे होते हैं जिनका निष्पादन जिला विधिक सेवा प्राधिकार में ही हो पाता है। ऐसे में जिला है विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा लोगों को हक, अधिकार व न्याय दिलाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जाती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करना, अदालतों पर मुकदमों का बोझ कम करना और लोगों को तीव्र व सस्ता न्याय प्रदान करना है। यह आपसी समझौते और मध्यस्थता के सिद्धांत पर काम करता है, जहाँ दोनों पक्षों की सहमति से विवाद सुलझाए जाते हैं। यह बिल्कुल मुफ्त है। लोक अदालत द्वारा दिये गये फैसले के खिलाफ किसी अन्य अदालत में अपील नहीं की जा सकती।

पुलिस अधीक्षक -सह- सदस्य जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गढ़वा आशुतोष शेखर ने कहा कि लोक अदालत में चल रहे मामलों की सुनवाई बिल्कुल निःशुल्क है। इसमें पैसे व समय की बचत होती है तथा सुलभ न्याय प्रदान किया जाता है। लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के मामले लाए जा सकते हैं, जिनमें अदालत में लंबित (Pending) और मुकदमेबाजी से पहले (Pre-litigation) के मामले शामिल हैं।

साथ ही कार्यक्रम में आए सभी आमजनों एवं मंचासिन, न्यायाधीशों, पदाधिकारियों एवं मीडिया का धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कार्यक्रम की समाप्ति की घोषणा की।

Related posts

नारनौल:पीठासीन अधिकारीयों को दिया प्रशिक्षण।

rktvnews

प्रधानमंत्री मोदी ने के.पी. शर्मा ओली को नेपाल का प्रधानमंत्री नियुक्त होने पर बधाई दी।

rktvnews

वायु सेना परिवार कल्याण संघ की अध्यक्ष द्वारा उम्मीद निकेतन का उद्घाटन किया गया।

rktvnews

गोपालगंज:सभी प्रधान सहायको के साथ समीक्षा बैठक आयोजित।

rktvnews

देहरादून:देश के प्रथम गाँव माणा में आयोजित दो दिवसीय “देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव 2025” के समापन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री।

rktvnews

रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा निर्वाचन -2023 : दूरदर्शन एवं आकाशवाणी पर मान्यता प्राप्त दलों को निःशुल्क प्रसारण के लिए मिलेगा समय।

rktvnews

Leave a Comment