
RKTV NEWS/बक्सर ( बिहार)08 जून।विश्व प्रसिद्ध मनिषी संत त्रिदण्डी स्वामी जी महाराज के समर्थ शिष्य श्री लक्ष्मी प्रपन्न जीयर स्वामी जी महाराज के मंगलानुशासन में शिवपुरी में आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह यज्ञ के पंचम दिवस की कथा में जीयर स्वामी जी महाराज के कृपापात्र ज.गु.रा. ब्रह्मपुरपीठाधीश्वर आचार्य धर्मेन्द्र जी महाराज ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण की सभी बाल लीलाएं अद्भुत हैं, चाहे पूतनोद्धार की,चाहे माखन चोरीकी हो,चाहे मिट्टी भक्षण की,चाहे चीर चोरी की,चाहे ऊखल से बंधने की,चाहे नाग नाथन की, या गोवर्धन पूजनकी सबका विशेष भाव है,रहस्य है।आचार्य जी ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का रहस्यमयी विवेचन कर भक्तों को खूब कथामृत क पान कराया।चीरहरण की कथा करते हुए आचार्य जी ने कहा कि चीरहरण कथा वस्त्र की चोरी नहीं है,वरन जीव और ब्रह्म के बीच जो पर्दे हैं उसको हटाने की कथा है,यह कथा आकंठ जल में पड़े …जीव को बाहर निकालने की कथा है,यह कथा भक्तों की मनोकामना पूरा करने की कथा है,यह कथा भगवान की भक्तों पर कृपा की कहानी है। ..आचार्य जी ने कहा कि गोपियाँ सधारण जीव नहीं,वरन वर्षो तक भगवान को पाने के लिए तपस्या करने वाली है,त्रेतायुग की मिथलानियां है,दंडाकारण्य के ऋषि वृन्द हैं।. आज नंदोत्सव में वैदिक मंत्र सहित लूप्त होते पारंपरिक मांगलिक गीतों यथा सोहर,खेलौना,झूमर,बधैया को सुन भक्त झूमते रहे। कथा यजमान धर्म देव उपाध्याय द्वारा श्रोताओं हेतु भोजन प्रसाद की दिव्य व्यवस्था की गयी है। बिहार राज्य के साथ ही साथ निकटतम यूपी के गांवों से भी भक्त कथा श्रवण हेतु आ रहे हैं।
