
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा) 20 जुलाई।दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में आज लोकसभा में आरा के सांसद सुदामा प्रसाद ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
लोकसभा के मानसून सत्र के शून्य काल में सांसद सुदामा प्रसाद ने कहा कि लगातार हो रही प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं, भर्ती परीक्षाओं के बार-बार रद्द होने, सरकारी विभागों में लंबे समय से रिक्त पदों तथा भर्ती प्रक्रियाओं में हो रही देरी के कारण लाखों छात्रों और नौकरी के अभ्यर्थियों के सामने गहरा संकट उत्पन्न हो गया है। इससे देश के युवाओं के रोजगार और भविष्य के अवसर लगातार समाप्त होते जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को भंग करने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। इन मांगों के समर्थन में पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक तथा छात्र नेहा, मनीष और आमीन अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं।
सांसद ने कहा कि यद्यपि लोक परीक्षाएँ (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 लागू किया जा चुका है, फिर भी परीक्षा अनियमितताओं और प्रश्नपत्र लीक की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। इससे भर्ती प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है। भर्ती परीक्षाओं के बार-बार रद्द होने और नियुक्तियों में अत्यधिक देरी के कारण हजारों योग्य अभ्यर्थी नियुक्ति से पहले ही आयु सीमा पार कर चुके हैं, जिससे उनके रोजगार के अवसर हमेशा के लिए समाप्त हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि इस लंबी अनिश्चितता ने अभ्यर्थियों पर गंभीर आर्थिक बोझ और मानसिक दबाव डाला है। छात्रों की आत्महत्या की घटनाएँ तथा मानसिक स्वास्थ्य संबंधी बढ़ती समस्याएँ इस संकट की गंभीरता और सरकार की तत्काल जवाबदेही की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं।
सांसद सुदामा प्रसाद ने सरकार से मांग की कि प्रश्नपत्र लीक की लगातार घटनाओं की नैतिक एवं प्रशासनिक जिम्मेदारी तय करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से हटाया जाए, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को भंग किया जाए तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 को वापस लिया जाए।
उनक्त जानकारी सांसद के निजी सहायक चन्दन कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
