स्टीयरिंग सह मॉनिटरिंग कमिटी की भी हुई समीक्षा, दिए गयें आवश्यक निदेश।
जेएसी एवं सीबीएसई के तहत दसवीं, बारहवीं बोर्ड के परिणामों की हुई समीक्ष।
कार्यों में लापरवाही व बोर्ड परीक्षा के परिणामों में ख़राब प्रदर्शन करने वालों को स्पष्टीकरण का निदेश।
विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं एवं गुणवत्ता सुधार पर विशेष जोर।
शिक्षकों के रैश्नलाइजेशन एवं दोहरे नामांकन वाले विद्यार्थियों के सरकारी स्कूल से नाम हटाने हेतु प्रस्ताव देने का निदेश।
RKTV NEWS/गढ़वा ( झारखंड)08 जून।समाहरणालय स्थित सभागार में आज उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग से सम्बंधित कार्यों की समीक्षा बैठक की गई। बैठक में उपायुक्त द्वारा एक-एक कर शिक्षा विभाग के विभिन्न बिंदुओं (इण्डिकेटर्स) पर गहन समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए गए।
बैठक में उन्होंने उपस्थित जिला शिक्षा अधीक्षक, बीईईओ एवं सभी बीपीओ/बीपीएम से बारी-बारी शिक्षा विभाग के अंतर्गत चल रही योजनाओं की जानकारी ली। कुछ योजनाओं में प्राप्त लक्ष्य के अनुरूप कार्य नहीं करने वाले पदाधिकारियों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की गई तथा कार्य में सुधार लाने के निर्देश दिए गए। कार्य असंतोषजनक होने पर कार्रवाई करने की भी बात कही गई।
सभी संबंधित बीईईओ एवं बीपीओ/बीपीएम को नियमित रूप से विद्यालयों का निरीक्षण करने हेतु निर्देशित किया गया। इस हेतु जिला शिक्षा अधीक्षक एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देशित किया गया कि अपने अधीनस्थ सभी शिक्षा पदाधिकारी एवं कर्मियों का नियमित रूप से उपस्थिति दर्ज संबंधी प्रतिवेदन का निरीक्षण करें एवं संबंधितों का मासिक परिलब्धि भी दर्ज उपस्थिति के अनुरूप ही करें।
बैठक के दौरान उपायुक्त द्वारा जिले की समग्र शैक्षणिक प्रगति, कंपोजिट जिला रैंकिंग, छात्र एवं शिक्षक उपस्थिति, आधार एवं अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट, आधारभूत संरचना विकास, निपुण भारत मिशन, पीएम-श्री विद्यालयों का क्रियान्वयन, पलाश कार्यक्रम, पीएम-पोषण (मिड-डे मील) योजना, आईसीटी एवं स्मार्ट क्लास की स्थिति, स्वास्थ्य जांच एवं आयरन-फोलिक एसिड वितरण, सतत व्यावसायिक विकास (सीपीडी) प्रशिक्षण, प्रोजेक्ट रेल के अंतर्गत मासिक मूल्यांकन, यू-डायस एवं एसएमएस रिपोर्टिंग, एनआईएलपी/उल्लास कार्यक्रम, न्यायालय से संबंधित लंबित मामलों एवं उनके अनुपालन, तथा समग्र शिक्षा के अंतर्गत लंबित अग्रिमों सहित अनेक महत्वपूर्ण बिंदुओं की क्रमवार समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि शिक्षा विभाग की सभी योजनाओं का प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। छात्र एवं शिक्षक उपस्थिति में सुधार, शैक्षणिक गुणवत्ता में निरंतर वृद्धि तथा लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन पर विशेष बल दिया गया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाना है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
पी०एम० पोषण (मध्याह्न भोजन) योजना अंतर्गत जिला स्तरीय स्टीयरिंग-सह-मॉनिटरिंग कमिटि हेतु बैठक में बिन्दुवार समीक्षा की गई, जिसमें विद्यालयों द्वारा एस०एम०एस० के माध्यम से मध्याहन भोजन संचालन की सूचना उपलब्ध कराने, पी०एम० पोषण (मध्याहन भोजन) योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रखण्डवार खाद्यान्न वितरण, पी०एम० पोषण (मध्याहन भोजन) योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 का माहवार ऑन लाईन डाटा एंट्री, प्रखण्ड स्तरीय स्टीयरिंग-सह-मॉनिटरिंग कमिटि की बैठक की समीक्षा एवं वित्तीय वर्ष 2026-27 में किचेन-सह-स्टोर मरम्मति की अद्यतन स्थिति आदि की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए गयें।
उपायुक्त श्री मिश्रा द्वारा उक्त मामले में संबंधित पदाधिकारियों/कर्मियों/शिक्षकों द्वारा अपनी जिम्मेदारी के अनुरूप कार्य नहीं करने व लापरवाही बरतने को लेकर स्पष्टीकरण करते हुए आवश्यक कार्रवाई करने हेतु जिला शिक्षा पदाधिकारी व जिला शिक्षा अधीक्षक एवं संबंधित बीईईओ को निर्देश दिया गया।
मध्यान भोजन में पोषक आहार एवं पूरक पोषण का वितरण मेनू के अनुसार ही सुनिश्चित किया जाय, का निदेश दिया गया। जिन योजनाओं में पुअर परफॉर्मेंस पाया गया उन्हें उपायुक्त द्वारा शीघ्र लक्ष्य प्राप्ति हेतु निर्देशित किया गया। इस दौरान उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों से आपसी समन्वय एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए जिले की शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी बनाने की बात कही।
शिक्षा विभाग अंतर्गत चलाए जा रहे कार्यक्रमों के विभिन्न इंडिकेटर में अपेक्षाकृत खराब प्रदर्शन करने वाले बीपीओ/बीपीएम को स्पष्टीकरण करने का निर्देश दिया गया। साथ ही पिछले तीन वर्षों से लेकर वर्तमान वित्तीय वर्षों तक के जैक (झारखंड एकेडमिक काउंसिल) एवं सीबीएसई (सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एग्जामिनेशन) के तहत 10वीं एवं 12वीं बोर्ड के रिजल्ट में खराब प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों के प्रभारी को भी स्पष्टीकरण करने का निर्देश दिया गया।
बैठक के दौरान उपायुक्त श्री मिश्रा को अवगत कराया गया कि कुछ विद्यालयों में शिक्षकों की घोर कमी है तो कुछ विद्यालयों में प्रचुर मात्रा में या अधिक शिक्षकों का पदस्थापन/ प्रतिनियुक्ति है, जिसके चलते कम शिक्षकों वाले विद्यालयों का पठन-पाठन का कार्य प्रभावित होता है। तत्पश्चात उपायुक्त ने मौके पर उपस्थित जिला शिक्षा अधीक्षक को विद्यालयों में शिक्षकों के रैश्नलाइजेशन करने का प्रस्ताव देने हेतु निदेशित किया।
इसी प्रकार जिला शिक्षा अधीक्षक द्वारा उपायुक्त श्री मिश्रा को झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 की महत्ता के बारे में बताया गया एवं बिना U-DISE Code के बच्चों का APAAR ID Generate नहीं होने की सूचना दी गई। आपार आईडी बच्चों का Digital Identification है जो बच्चों का Academic And extra co-curricular achievements का रिकॉर्ड रखता है।
बिना U-DISE Code वाले विद्यालय बच्चों का आपार आईडी के लिए सरकारी विद्यालय में भी नामांकन करवाकर बच्चों का आईडी Generate करवाते हैं एवं बच्चों को अपने स्कूल में पढ़ाते हैं। अर्थात दोबारा नामांकन कराते हैं। इससे जिले के इंडिकेटर्स का पूरा Status खराब हो रहा है एवं रैंकिंग नीचे हो जाता है। जो लाभ सरकारी स्कूल के बच्चों को मिलना चाहिए वो निजी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चें लेते हैं एवं इससे अच्छादन पर प्रभाव पड़ता है।
इस समस्या के निदान हेतु उपायुक्त श्री मिश्रा द्वारा वैसे बच्चें, जो सरकारी विद्यालयों में नामांकन कराके किसी निजी स्कूल में पढ़ाई करते हैं, के अभिभावकों को आपार आईडी की महता के बारे में जानकारी देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद भी यदि बच्चें सरकारी विद्यालयों में नियमित रूप से उपस्थित नहीं होते हैं तो वैसे बच्चों का सरकारी विद्यालयों से नाम काटने हेतु प्रस्ताव दें, ताकि इंडिकेटर्स का स्थिति खराब ना हो एवं रैंकिंग में सुधार लाया जा सके।
उक्त बैठक में उपरोक्त पदाधिकारियों के अतिरिक्त उप विकास आयुक्त प्रेमलता मुर्मू, जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज, सभी बीईईओ, बीपीओ/बीपीएम, शिक्षा विभाग के एई/जेई आदि उपस्थित थें।

