
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)24 जुलाई। अलोकतांत्रिक पुलिसिया कार्रवाई एवं व्यवस्था की कथित असंवेदनशीलता के विरोध में सिविल सोसायटी, आरा के बैनर तले चल रहा अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन गुरुवार को चौथे दिन भी जारी रहा। धरना की शुरुआत हाल में छात्रों पर हुए कथित पुलिसिया हमले की निंदा तथा उसके विरोध में आक्रोश व्यक्त करने के साथ हुई।इस अवसर पर “वर्तमान परिस्थितियों में बुद्धिजीवियों की भूमिका” विषय पर विशेष विमर्श का आयोजन किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि इतिहास इस बात का साक्षी है कि सामाजिक परिवर्तन और जनचेतना के निर्माण में साहित्यकारों, शिक्षकों, कलाकारों, पत्रकारों और चिंतकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐसे समय में यदि बुद्धिजीवी मौन रहते हैं, तो उनका मौन भी एक सामाजिक और नैतिक प्रश्न बन जाता है।
विमर्श सत्र की अध्यक्षता सुशील कुमार ने की। अशोक मानव ने विषय प्रवेश कराया, जबकि लालजी शर्मा ने संचालन एवं सुनील कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम में विजय मेहता, राकेश कुमार सिंह, मंटू सिंह, डॉ. ब्रजेश कुमार सिंह, संजय श्रीवास्तव, दीपक कुमार यादव, मनोज कुमार सिंह, उदय पासवान, सतीश पटेल, ओ.पी. पांडेय, अमित सिंह सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षकों, बुद्धिजीवियों, छात्र-युवाओं और जागरूक नागरिकों ने भाग लिया।
