RKTVNEWS/NEWS आरा (भोजपुर) 17 अप्रैल।अगियांव के धोबहा गांव में श्रीत्रिदण्डी स्वामी जी महाराज के मंगलानुशासन में आयोजित, श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ में मंगलवार को गर्मी के बावजूद भी दूर दूर गांव से स्त्री पुरूष कथा सुनने आ रहे हैं। यज्ञ के पंचम दिवस पर आचार्य धर्मेन्द्र पूर्व कुलपति वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय ने दशम स्कंध में वर्णित श्रीकृष्ण के प्रकट होने के अनेक कारण बतलाते हुए कहा कि त्रेतायुग मे भगवान श्रीराम के रुप पर रीझे मिथलानियों, साधू-संतों को वचन दिया था कि मै मयार्दा अवतार में हूं, आपकी कामना पूरा नहीं कर सकता, जब द्वापर में आऊंगा तो आप सब गोप गोपी बनना, साथ ही पूर्व काल मे नंद यशोदा और वसुदेव देवकी को दिये गये वचन को पूरा करने हेतु श्रीकृष्ण धराधाम पर आये है।
आचार्य धर्मेन्द्र ने कहा श्रीकृष्ण अवतार गोणचारणन, पर्यावरण रक्षा, यमुना को विषमुक्ति के साथ ही साथ भूमंडल को अन्यायियों, अत्याचारियों से मुक्ति, भक्तों के साथ लीलाओं के माध्यम से प्रेमरस का संवंर्धन करते हुए धरती को पाप मुक्त करना है। आगे आचार्य द्वारा मथुरा के जेल मे श्रीकृष्ण का प्रकट होने, गोकुल मे नंद बाबा के घर मे जाने के क्रम मे यमुना जी मे आये उफान कि तात्विक विवेचन सुन भक्त आनंदित होते रहे। झांकी सहित आनंदोत्सव की कथा कहते जहां वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा प्रक्षेत्र गूंज उठा वहीं पारंपरिक मांगलिक गीतो यथा सोहर, बधाइयां, झूमर सुन भक्त झूमते रहे।
भगवान श्रीकृष्ण के छठीहार मे पूतना के आने और उसके उद्धार की कथा कहते हुए अनेक रहस्यमयी शास्त्रीय प्रमाणों को प्रस्तुत किया श्रीकृष्ण के द्वारा माखनचोरी, मृदा भक्षण और कंस द्वारा श्रीकृष्ण को मारने के लिए भेजे गये विभिन्न राक्षसो के उद्धार व उनके पूर्व जन्मों की कथा सुनकर भक्त आनंदित होते रहे। लोनी दिल्ली से पधारे रघुनंदन रामानुजवैष्णव दास द्वारा विविध रसिया का मनोहारी गायन किया गया जिसे भक्तों ने काफी पसंद किया।गर्मी उमस जैसे जैसे बढ़ता जा रहा है वैसे वैसे क्षेत्रीय भक्तों की भीड़ भी बढती जा रही है। भंडारे प्रसाद की समयोचित व्यवस्था यज्ञ समिति द्वारा की गयी है। इस दौरान प्रवचन संकलनकर्ता सुमनरामानुज वैष्णव दास धोबहा अगियांव जी मौजूद थे।


