
आरा/ भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)13 अगस्त।भोजपुर जिले के कोईलवर प्रखंड अंतर्गत बिरमपुर गांव में ‘कैच द रेन’ अभियान के तहत वर्षा जल संरक्षण एवं जल के समुचित उपयोग को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों एवं ग्रामीणों को वर्षा जल के संरक्षण, भूजल पुनर्भरण तथा कृषि में जल के विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति जागरूक करना रहा।
कृषि विज्ञान केंद्र, भोजपुर के विषय वस्तु विशेषज्ञ (उद्यान) डॉ. विकास सिंह ने कहा कि वर्षा जल प्रकृति का अमूल्य उपहार है। कृषि प्रधान क्षेत्र होने के कारण भोजपुर में वर्षा जल का संरक्षण और उसका उचित उपयोग बेहद महत्वपूर्ण है। खेत, मेड़, तालाब एवं अन्य जल संरचनाओं के माध्यम से वर्षा जल को सुरक्षित कर सिंचाई के लिए भूजल पर निर्भरता कम की जा सकती है।उन्होंने किसानों को बागवानी फसलों में ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग एवं अन्य जल-कुशल तकनीकों को अपनाकर कम पानी में बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. शोभा रानी ने कहा कि जिले के विभिन्न गांवों में ‘कैच द रेन’ अभियान के माध्यम से किसानों को स्थानीय जल संसाधनों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन तथा कृषि में जल के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
किसानों को कम पानी में अधिक उत्पादन के लिए सूक्ष्म सिंचाई सहित आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। “वर्षा की हर बूंद को सहेजें और जल का समुचित उपयोग करें।ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध कराया जा सके।
