पटना/बिहार (राकेश मंगल सिन्हा) 27 मार्च। 2014 मे किये गये वादों में से किसी भी वादे को पूरा नहीं करने वाली मोदी सरकार सिर्फ खैरात बांट कर और लफ्फाजी के द्वारा लोकसभा के इस चुनाव को जीतना चाहती है। लोकतंत्र की सारी मर्यादाओं की तिलांजलि देकर सरकार की ताकतों का अवैध ढंग से इस्तेमाल किया जा रहा है। उक्त बातों को राजद के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद शिवानंद तिवारी ने कहा है। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी में ही 1977 का लोकसभा चुनाव हुआ था। चुनावी प्रक्रिया में इंदिरा जी ने किसी प्रकार का छेड़छाड़ नहीं किया था। सामने वाली टीम के खिलाड़ियों के पैरों में बेङी लगा दीजिए और गोल पर गोल दागते जाइए। इसे बहादुरी नहीं कहा जाता है। आप पार्टी का पूरा नेतृत्व जेल में बंद है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी को कंगाली की ओर धकेल दिया गया है। पंद्रह-सोलह वर्ष पुराने स्व सीताराम केशरी के जमाने के मामले को झाड़पोंछ कर निकाला गया है। मुख्य विपक्षी दल को पंगु बना दिया गया है। उन्होंने बताया कि अभी महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की पार्टी ने आमोल कीर्तिकर को मुंबई उत्तर से अपना उम्मीदवार बनाया है। उसके कुछ ही देर बाद उनके यहाॅ ईडी की नोटिस पहुंच गई। आरोप है कि कोरोना काल मे उन्होंने भोजन आपूर्ति में गड़बड़ी की है। उन्होंने कहा कि असम से भी अद्भुत खबर है जो टीवी पर भी चल रही है। वहाँ भाजपा के गठबंधन के एक नेता पाॅच सौ रुपये की गड्डी का बिछावन बनाकर सोये हुए थे। उन्होंने पूछा कि इस मामले में ईडी, सीबीआई या इनकम टैक्स कहाँ है ?
उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट है कि हार की प्रबल संभावना से आतंकित मोदी जी लोकतांत्रिक प्रक्रिया और मर्यादा को तिलांजलि देकर येन केन प्रकारेण प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठे रहना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी जी ने इमरजेंसी के दौरान लोकसभा का चुनाव कराया था। वे चाहतीं तो लोकतांत्रिक प्रक्रिया को तोड़-मरोङ कर कुर्सी पर बनी रह सकती थीं। लेकिन हम लोगों को स्मरण है कि चुनावी प्रक्रिया में किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं हुई थी। उन्होंने भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि इन लोगों को लोकतंत्र में यकीन नहीं है और यह आशंका सही है कि अगर इस चुनाव में यह सरकार बनी रह जाती है तो देश में यह अंतिम चुनाव होगा।
