
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा) 13 फरवरी।सांसद सुदामा प्रसाद ने लोकसभा में बजट सत्र के दौरान शून्यकाल में वीर कुंवर सिंह के जन्मस्थली को पर्यटन स्थकल घोषित का मांग किया।
उन्होंने कहा कि वीर कुंवर सिंह 1857 के प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान नायक थे। वे बिहार के भोजपुर (जगदीशपुर) से थे इन्होंने लगभग 80 वर्ष की आयु में भी अंग्रेज़ों के विरुद्ध स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व किया।बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में अंग्रेज़ी शासन के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह का नेतृत्व किया। कुंवर सिंह ने जगदीशपुर को विद्रोह का प्रमुख केंद्र बनाया और कई लडाइयों में अंग्रेज़ों को पराजित किया। घायल होने के बावजूद साहस नहीं छोड़ा, गंगा पार करते समय घायल हाथ को काटकर त्याग देना उनकी अद्भुत वीरता का उदाहरण है। स्थानीय जनता, सैनिकों और ज़मींदारों को एकजुट कर स्वतंत्रता की भावना को मजबूत किया। वीर कुंवर सिंह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अदम्य साहस, त्याग और देशभक्ति के प्रतीक माने जाते हैं।
उन्होंने नेखक कि 1857 स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी योद्धा वीर बांकुड़ा बाबू कुंवर सिंह की जन्म एवं कर्म स्थल जगदीशपुर को अभी तक पर्यटन स्थल घोषित नही हुआ।
जबकि 23 अप्रैल 2022 को हीं भारत के गृह मंत्री अमित शाह ने 1857 की क्रांति के महानायक बाबू वीर कुंवर सिंह के जन्मस्थल जगदीशपुर को एक भव्य पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने और उनके सम्मान में विशाल स्मारक और एक भव्य तोरण द्वार बनाने की घोषणा की थी। लेकिन आज घोषणा के 4 वर्ष पूरा होने वाला है। फिर भी सरकार ने इसे पूरा नही किया।
जबकि 1971 में इस ऐतिहासिक किला में बाबू वीर कुंवर सिंह स्मृति संग्रहालय का पुरातत्व विभाग के अधीन किया था लेकिन आज जो इस संग्रहालय की स्थिति है उसे देखते ही पता चल जाता है कि संग्रहालय के अंदर गिने-चुने हथियार और कुछ चित्रों के संकलन के अलावा कुछ नहीं है। वर्ष 2018 में वीर कुंवर सिंह के किला के विकास के लिए कई योजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास भी किया था लेकिन पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की कोई विशेष योजना अभी तक नहीं बन सकी। उन्होंने मांग किया कि इनके धरोहर को सुरक्षित रखने और पर्यटन स्थल घोषित करने के लिए तत्काल उचित कदम उठाए जाए।
उक्त जानकारी निजी सहायक चन्दन कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दिया।
