दरभंगा/बिहार 30 जनवरी। कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार एवं जिला प्रशासन, दरभंगा के तत्वावधान में स्थानीय प्रेक्षागृह, दरभंगा में आयोजित दो दिवसीय मिथिला लोक उत्सव-2024 का नगर विधायक संजय सरावगी, जिलाधिकारी, दरभंगा राजीव रौशन व पद्मश्री रामकुमार मल्लिक के साथ उप विकास आयुक्त प्रतिभा रानी, अपर समाहर्त्ता-सह-अपर जिला दण्डाधिकारी राजेश झा “राजा”, अपर समाहर्त्ता (लोक शिकायत निवारण) अनिल कुमार, अपर समाहर्त्ता (विधि-व्यवस्था) राजेश कुमार रंजन, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी बालेश्वर प्रसाद एवं द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उदघाटन किया गया।
तत्पश्चात जिलाधिकारी द्वारा नगर विधायक एवं पद्मश्री पंडित राम कुमार मल्लिक को गुलदस्ता भेंट करते हुए पाग-चादर से सम्मानित किया गया, जबकि उप विकास आयुक्त द्वारा जिलाधिकारी को गुलदस्ता भेंट करते हुए पाग-चादर से सम्मानित किया गया।
वहीं अपर समाहर्त्ता-सह-अपर जिला दण्डाधिकारी द्वारा पद्मश्री पंडित राम कुमार मल्लिक को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।
“मिथिला लोक उत्सव” को सम्बोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार एवं जिला प्रशासन, दरभंगा के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार से दरभंगा प्रेक्षागृह में मिथिला लोक उत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति पर गर्व करने का यह अवसर हमें मिला है, जब बात हम मिथिला की करते है, तो यहाँ की संस्कृति, यहाँ की परम्परा, यहाँ का खान-पान, यहाँ की पहचान, यहाँ की मीठी बोली और यहाँ का ज्ञान-विज्ञान, सबकुछ हमारे नजरों के सामने चोंध जाता है, मिथिला बिहार में ही नहीं, बल्कि पूरे भारत की संस्कृतियों में अपना विशेष स्थान रखता है, इसकी गौरवशाली परम्परा रही है और इसका स्वर्णिम इतिहास रहा है।
आप देखेंगे, चाहे मैथिल कोकिल के नाम से विख्यात विद्यापति की बात हो, चाहे यहाँ के राजा जनक की बात हो, विदुषी देवी भारती की बात हो या वल्क जैसे विद्वान की बात हो, ऋषि गौतम की बात हो, देवी अहिल्या की बात हो, यहाँ की मिट्टी, यहाँ की धरती हमेशा परम्पराओं से और स्वर्णिम इतिहास से लबरेज रही है और सभी मिथिलावासी को इस पर गर्व होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस गर्व का अवसर पर और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है, जब राज्य की सरकार ने महसूस किया, अगर हमें विकास की ऊँची नीव रखनी हो, विकास की ऊँची उड़ान की दिशा में आगे बढ़नी हो, तो निश्चित रूप से हमें अपने स्वर्णिम अतीत से जोड़ना होगा, अपनी परम्पराओं से जोड़ना होगा, कोई भी अपना कद ऊँचा तब तक नही कर सकता है, जब तक उसका जमीन से जुड़ाव न हो, संस्कृति से जुड़ाव न हो, वहाँ की विरासत से जुड़ाव न हो।
आज मिथिला अपनी परम्पराओं के साथ विकास की गाथा में नीत-प्रतिदिन लिख रहा है, चाहे विभिन्न प्रकार के शैक्षणिक संस्थान हो, चाहे यहाँ के तारामंडल हो, चाहे यहाँ के फ्लोटिंग सोलर प्लांट हो और कई सारे चीजे है। आप देखेंगे कि एयरपोर्ट के माध्यम से लाखों लोग यहाँ से उड़ान भरने का काम अबतक किये है, ये सब बताता है दरभंगा अब किसी भी मामले में किसी भी विकसित शहर से पीछे नही है, जरूरत इस बात की है, यहाँ के लोग अतीत पर गर्व करें, वर्तमान में विकास की रुपरेखा को और मजबूत करें और भविष्य के स्वप्न को भविष्य में आने वाली पीढ़ी को शिक्षित बनाकर उन्हें सही दिशा दें, अगर ऐसा करने में हम सफल होंगे, तो निश्चित रूप से मिथिला का भविष्य भी उतना ही गौरवशाली होगा, उतना ही स्वर्णिम होगा, जितना कि इसका इतिहास रहा है।
आज का अवसर बहुत विशेष है, विशेष इस अर्थ में भी है, जहाँ हम 75वाँ गणतंत्र इस वर्ष मना रहे है, वहीं पर दरभंगा जिला अपना 150वाँ वर्षगांठ भी मना रहा है। दरभंगा जिला अपने गणतंत्र से दोगुना आयु का यहाँ का जिला स्थापना दिवस हमलोगों ने कुछ दिन पहले मनाया है, ये भी जिलावासियों के लिए गर्व की बात है।
उन्होंने कहा कि कोई भी क्षेत्र तब तक आगे नही बढ़ सकता है, जब तक उसे अपने इतिहास और परम्परा पर गर्व न हो। कोई भी इमारत, कोई भी बिल्डिंग, जब बहुत ऊँची बनती है, तब ये जरूर देखा जाता है की नींव कितनी मजबूत है। नींव की मजबूती से तात्पर्य है, वहाँ की सांस्कृतिक विरासत, आप देखिएगा कि मिथिला में सिर्फ मैथली की मीठी बोली ही नही, यहाँ का खान-पान भी अलग है। पान, मखाना यहाँ की विशिष्ट पहचान है और वह भी मखाना को आप देखिएगा भारत के हर कोने में लोग अब उसे अब स्नेक्स के रूप में ले रहे है, इसकी पहचान बढ़ रही है और जब भी लोग इस्तेमाल करते है, तो जनना चाहते है आखिर ये कहाँ इसका उत्पादन होता है, कहाँ इसकी खेती होती है, इसी प्रकार कई सारे चीजे है, ज्योतिष का हो, विज्ञान का हो, तो ये अवसर है गर्व करने का और मैं एक बार फिर से आभार प्रकट करना चाहूँगा दरभंगा के उन सभी महान विभूतियों के प्रति, आज हमलोगों ने पंडित राम कुमार मल्लिक जी को, जिन्हें भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से इसी वर्ष सम्मानित किया गया है और ऐसे अनेक विभूतियाँ है, हमें गर्व का अवसर मिलता है, इससे मिथिलावासियों के सीना और चौड़ा हो जाता है, मैं चाहूँगा कि हमारे सांस्कृतिक का ये विरासत उत्सव के रूप में कनकन तक पहुँचे,जन-जन तक पहुँचे और मिथिला से संस्कृति का नाम पूरे देश में सबसे पहले प्रथम अक्षरों में अंकित हो।
तत्पश्चात नगर विधायक द्वारा कार्यक्रम को सम्बोधित किया गया।
उन्होंने कहा कि उन्हीं के प्रयास से वर्ष 2013 में मिथिला लोक उत्सव का प्रारंभ किया गया था,उस समय पर्यटन विभाग के मंत्री पिंटू जी थे। उन्होंने कहा कि मिथिला लोक उत्सव मिथिला के लोगों का उत्सव है और उन्होंने मिथिला के संबंध में कहा “पग पग पोखर माछ मखान, मधुर बोल मुस्कि मुखपान, विद्या वैभव शांति प्रतीक, सरस नगर मिथिला थिंक”।
उन्होंने कहा कि जब वह केरल गए थे तो वहाँ ड्राई फ्रूट्स की दुकान पर मखान देखा,जो 1950 रुपए प्रति किलोग्राम बिक रहा था। आज मखान विश्व के 100 से ज्यादा देशों में भेजा जा रहा है। इस प्रकार मिथिला की पहचान पूरे विश्व में हो रही है।
आज प्रथम दिन मिथिला लोक उत्सव के अवसर पर पद्मश्री पंडित रामकुमार मल्लिक द्वारा मीरा व विद्यापति की रचना गया गया,बालेश्वर राम द्वारा शहनाई वादन, बिपिन कुमार द्वारा शंख वादन, अनुपमा मिश्रा, ऋषव भारद्वाज द्वारा गायन, सौरव कुमार, राम सेवक ठाकुर द्वारा हास्य का प्रस्तुति, सृष्टि नृत्य संस्थान द्वारा नृत्य, मल्लिक बंधु द्वारा गजल तथा पार्श्व गायका प्रिया मल्लिक द्वारा मैथली गीत व हिन्दी गीत प्रस्तुत किया गया।
इसके पूर्व जिलाधिकारी व नगर विधायक दरभंगा प्रेक्षागृह व उसके पीछे लगे विभिन्न स्टॉल का निरीक्षण व अवलोकन किया। सूचना एवं जन-संपर्क विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का जिलाधिकारी एवं नगर विधायक ने भूरी भूरी प्रशंसा की और कहा कि इस तरह के स्टॉल अन्य कार्यक्रमों में भी लगाए जाने चाहिए। किलकारी द्वारा लगाए गए स्टॉल में उन्होंने बनाये गए खिलौनों को देखा, वहीं निर्वाचन विभाग द्वारा लगाए गए स्लॉट में एवं ईभीएम की जानकारी ली, सामाजिक सुरक्षा द्वारा लगाए गए स्लॉट में विभिन्न योजनाओं की जानकारी ली तो तारालाही के बैग निर्माता युवा उद्यमी की बैग का गंभीरता से अवलोकन किया साथ ही हनुमाननगर के निर्माता के गारमेंट्स निर्माता के स्टॉल का अवलोकन किया। मद्यनिषेध, जीविका,बाल संरक्षण, श्रम संसाधन विभाग, आईसीडीएस, महिला हेल्प लाइन के स्टॉल का भी निरीक्षण किया गया। कृषि विभाग द्वारा लगाए गए कृषि यंत्रीकरण स्टॉल का निरीक्षण किया गया वहां उपस्थित मशरूम उत्पादक द्वारा मशरूम की पकौड़ी सबको खिलाई गई और बताया गया कि सूखे मशरूम से कई तरह के व्यंजन बनाए जा रहे हैं।
इस दौरान नगर विधायक एवं जिलाधिकारी के कर कमल से एक लाभुक किसान को ट्रैक्टर की चाबी प्रदान की गई। विभिन्न कृषि यंत्रों अवलोकन कर जानकारी लेते हुए।
जिलाधिकारी एवं विधायक द्वारा जीविका द्वारा लगाए गए स्टॉल का भी निरीक्षण किया गया जहाँ जीविका दीदी द्वारा चाय एवं अन्य खाद्य पदार्थ के स्टॉल लगाए गए थे, वहाँ सभी लोगों ने चाय का जायका भी लिया।
