हनुमानगढ़/राजस्थान 30 जनवरी। राजस्थान नशा मुक्ति केंद्र संचालन नियम 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक का आयोजन सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जिला कलेक्टर काना राम की अध्यक्षता में किया गया। जिला कलैक्टर ने बैठक में कहा कि नशा मुक्ति केंद्र नियमों के अंतर्गत निर्धारित मापदंडों का पालन करें तथा अपंजीकृत केंद्र स्वयं को पंजीकृत करवाए।
जिला कलक्टर ने कहा कि जिन नशा मुक्ति केंद्रों का पंजीकरण लंबित है, उन्हें 15 दिन में पंजीकरण करवाना आवश्यक है। 15 फरवरी के बाद अपंजीकृत केंद्रों को बंद कर दिया जाएगा। जिला कलक्टर ने कहा कि नियमित रूप जिला स्तर पर गठित टीम नशा मुक्ति केंद्रों का निरीक्षण करे। नियमों का पालन नहीं करने वाले नशा मुक्ति केंद्रों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जिला कलेक्टर ने कहा कि आईटी सॉफ्टवेयर के माध्यम से नशा छोड़ने वालों की ट्रैकिंग की जाए, आधार कार्ड नंबर के साथ मरीज की जानकारी दर्ज की जाए, जिसमें दवाइयां इत्यादि ऑनलाइन दर्ज हो। जिससे नशा मुक्ति केंद्र ऑनलाइन हो सके।जिला कलक्टर ने संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस के साथ नशे की गोलियां बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने इस अवसर पर पिछले बजट में जिले में सरकारी नशा मुक्ति केंद्र खोलने की घोषणा पर भी संबंधित अधिकारियों से प्रगति के बारे में पूछा, उन्होंने कहा कि एक बार सरकारी भवन में अस्थाई तौर पर नशा मुक्ति केंद्र संचालित किया जाए।
सहायक निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि जिले में पंजीकृत 36 नशा मुक्ति केंद्र संचालित है। बैठक में जिला कलेक्टर सहित सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा, पुलिस उप अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह, पीएमओ डॉ. मुकेश कुमार, समाज कल्याण विभाग सहायक निदेशक विक्रम सिंह, ड्रग कंट्रोल चंद्रभान शर्मा, जिला नोडल अधिकारी डॉ. ओपी सोलंकी, एपीआरओ राजपाल लंबोरिया, डीईओ हंसराज जाजेवाल, एसीएमएचओ डॉ. रवि खीचड़ इत्यादि उपस्थित रहे।
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