समय पर रोजगार उपलब्ध कराने हेतु जिला प्रशासन सख्त, सेवा में नहीं लौटने पर होगी विधि-सम्मत कार्रवाई।
RKTV NEWS/गढ़वा(झारखंड )08 जून।महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के सुचारू क्रियान्वयन एवं ग्रामीण मजदूरों को समय पर रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने हड़ताल पर गए मनरेगा कर्मियों को पुनः सेवा में लौटने का निर्देश जारी किया है। यह निर्देश उप विकास आयुक्त-सह-अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक प्रेमलता मुर्मू द्वारा जारी किया गया है।
जारी आदेश में कहा गया है कि मनरेगा एक माँग आधारित योजना है, जिसके तहत ग्रामीण परिवारों द्वारा कार्य की माँग किए जाने पर निर्धारित प्रावधानों के अनुसार 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध कराना अनिवार्य है। किंतु जिले में कार्यरत कुछ मनरेगा कर्मियों के मार्च 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहने के कारण योजना के प्रभावी संचालन में गंभीर कठिनाइयाँ उत्पन्न हो रही हैं।
हड़ताल के चलते मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है तथा मार्च, अप्रैल एवं मई 2026 के दौरान निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप मानव दिवस सृजन नहीं हो सका है। इसका सीधा असर ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पर पड़ रहा है।
श्रीमती मुर्मू ने बताया कि विभाग से प्राप्त निर्देश के आलोक में जिला प्रशासन द्वारा पूर्व में कार्यालय आदेश के माध्यम से सभी हड़तालरत मनरेगा कर्मियों को तत्काल सेवा पर लौटने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद अब तक सभी कर्मी कार्य पर वापस नहीं लौटे हैं।
इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने हड़तालरत सभी मनरेगा कर्मियों को पुनः निर्देशित किया है कि वे पत्र निर्गत होने की तिथि से तीन दिनों के भीतर अपनी सेवा में वापस लौटना सुनिश्चित करें। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर कर्मी सेवा पर वापस नहीं आते हैं, तो उनके विरुद्ध विधि-सम्मत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उप विकास आयुक्त-सह-अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक श्रीमती मुर्मू ने कहा कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता ग्रामीण गरीब परिवारों को समयबद्ध रोजगार उपलब्ध कराना तथा मनरेगा योजनाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी संबंधित कर्मियों से जनहित को सर्वोपरि रखते हुए शीघ्र कार्य पर लौटने और ग्रामीण विकास के कार्यों में सहयोग करने की अपील की है।

