भारत सरकार द्वारा देश भर में पायलट प्रोजेक्ट के लिए देवघर जिले का किया गया है चयन।

खाद बिक्री को पारदर्शी और सुलभ बनाने के लिए ‘फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल’ पर दी गई ट्रेनिंग

कालाबाजारी रोकने और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने पर उपायुक्त ने दिया जोर
RKTV NEWS/देवघर (झारखंड)08 जून।उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में आज सूचना भवन सभागार में ‘फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल’ (Framework for Fertilizer Sale) से संबंधित एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में जिले के सभी थोक एवं खुदरा उर्वरक विक्रेताओं ने भाग लिया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि यह अत्यंत गौरव का विषय है कि देवघर को उर्वरक के क्षेत्र में चलाये जा रहे महत्वाकांक्षी पायलट प्रोजेक्ट के लिए भारत सरकार द्वारा चयन किया गया है। उन्होंने कहा कि इस चयन के बाद जिले में उर्वरक के वितरण और बिक्री की पूरी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी तथा आधुनिक बनाया जा रहा है। इसी उद्देश्य के साथ आज सभी हितधारकों के लिए इस विशेष प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है। आगे उपायुक्त ने सभी थोक और खुदरा विक्रेताओं को निर्देश देते हुए कहा कि नए फ्रेमवर्क के नियमों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही डिजिटल सिस्टम और निर्धारित मानकों के तहत ही उर्वरक की बिक्री की जाए ताकि बाजार में किसी भी तरह की जमाखोरी या कालाबाजारी की गुंजाइश न रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार सही मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इसके अलावा प्रशिक्षण के दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा विक्रेताओं को ‘फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल’ के तहत नए नियमों, स्टॉक प्रबंधन, पॉइंट ऑफ सेल (PoS) मशीन के उपयोग और डिजिटल ट्रैकिंग से जुड़ी विस्तृत जानकारियां दी गईं। विक्रेताओं की शंकाओं का समाधान भी मौके पर किया गया। इस अवसर पर जिला कृषि पदाधिकारी डॉ वीणा कुमारी टुडु, वरीय वैज्ञानिक राजन ओझा, डिप्टी पीडी, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी, विभिन्न प्रखंडों के प्रखंड कृषि पदाधिकारी, एटीएम, बीटीएम एवं जिले के थोक एवं खुदरा उर्वरक विक्रेता उपस्थित थे।

