
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा) 23 जुलाई। जंतर-मंतर पर चल रहे जनसंघर्ष के समर्थन तथा कथित अलोकतांत्रिक पुलिस कार्रवाई, शिक्षा व्यवस्था और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों के विरोध में सिविल सोसायटी, आरा के तत्वावधान में जयप्रकाश स्मारक स्थित मुक्ताकाश मंच पर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान धरना स्थल प्रतिरोध की कविताओं और जनवादी अभिव्यक्तियों से गूंज उठा।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कविताओं का पाठ रहा। नीलाम्बुज सरोज ने रमाशंकर यादव ‘विद्रोही’ की कविता “औरतें”, कमलेश कुमार ने विजेंद्र अनिल की “कहाँ हैं तुम्हारी फाइलें”, जनार्दन मिश्र ने “सुनो तानाशाह, कोई सुरक्षित नहीं”, धर्मदेव कुमार ने विजेंद्र अनिल की “सिलसिले”, डॉ. लक्ष्मी कुमारी ने रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की “आग की भीख”, विजय मेहता एवं सुशील कुमार ने दुष्यंत कुमार की ग़ज़लों का पाठ किया।कार्यक्रम का संचालन आशुतोष पांडेय ने किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता जेपी सेनानी नाथूराम ने की, जबकि धन्यवाद ज्ञापन अशोक मानव ने किया।धरना-प्रदर्शन में डॉ. सुरेंद्र प्रसाद, अचल कुमार प्रसाद, दीपक सिंह, पवन कुमार, धनंजय सिंह, कृष्ण मोहन ठाकुर, संतोष कुमार, महेंद्र शर्मा आदि रहे।
