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देवघर:मंत्री हफीजुल हसन ने किया पलाश आजीविकोत्सव सरस मेला 2026 का उद्घाटन।

झारखण्ड राज्य के 24 जिलों एवं 07 राज्यों के स्वयं सहायता समूह के दीदियों ने लगाया अपना स्टॉल।

मंत्री ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण कर दीदियों द्वारा निर्मित विभिन्न सामग्रियों की खरीदारी कर उनके कार्यों की सराहना की।

देवघर न केवल आध्यात्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है, बल्कि ग्रामीण विकास एवं आजीविका संवर्धन का भी महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा हैःउपायुक्त

RKTV NEWS/देवघर (झारखंड)25 जनवरी।जिले में आज “पलाश आजीविकोत्सव सरस मेला-2026” का उद्घाटन मंत्री जल संसाधन विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग हफीजुल हसन, सारठ विधायक उदय शंकर सिंह, जिला परिषद अध्यक्ष किरण कुमारी, बीस सूत्री उपाध्यक्ष मुन्नम संजय एवं जनप्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। ज्ञात हो कि यह सरस मेला 25 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों की दीदियों द्वारा इस मेले में अपना स्टॉल लगाया गया है। साथ ही दीदियों द्वारा हस्तनिर्मित सामग्रियों की बिक्री की जा रही है एवं विभिन्न राज्यों की खान-पान, वेशभूषा, कला- संस्कृति देखने को मिलेगी।
इसके अलावे मंत्री जल संसाधन विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग  हफीजुल हसन ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि पलाश आज की तारीख में ब्रांड बन गया है, और यह मेहनतकश दीदियों का ब्रांड है। आगे उन्होंने कहा कि पलाश आजीविकोत्सव सरस मेला 2026 जिला प्रशासन देवघर के सहयोग से पलाश (जेएसएलपीएस), देवघर द्वारा आयोजित किया गया एक भव्य और प्रेरणादायी कार्यक्रम है, जहाँ झारखंड राज्य के सभी जिलों तथा विभिन्न राज्यों से पधारे सखी मंडल की दीदी उद्यमियों ने अपनी मेहनत, हुनर और आत्मनिर्भरता का जीवंत प्रदर्शन प्रस्तुत किया है। यह मेला ग्रामीण महिलाओं की सृजनशीलता, आत्मविश्वास और आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त मंच बनकर उभरा है। इस सरस मेले में हस्तनिर्मित उत्पादों की एक समृद्ध श्रृंखला देखने को मिलती है, जिनमें रेशम वस्त्र, बांस एवं सूप-डालिया उत्पाद, लोहे के बर्तन, मधु एवं शहद उत्पाद, अचार-पापड़, मसाले, अगरबत्ती, लाह एवं जनजातीय आभूषण, सजावटी सामग्री, हर्बल उत्पाद तथा पारंपरिक खाद्य सामग्री शामिल हैं। इन सभी उत्पादों को सखी मंडल की दीदियों द्वारा स्वयं तैयार कर यहाँ प्रदर्शित किया गया है तथा आम जनमानस के लिए विक्रय हेतु भी उपलब्ध कराया गया है। यह मेला केवल उत्पादों की प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि यह सखी मंडल की दीदियों की मेहनत, उनके आत्मविश्वास और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणादायी कहानी को दर्शाता है। पलाश आजीविकोत्सव सरस मेला 2026 ग्रामीण महिलाओं को बाजार से जोड़ने, उनके उत्पादों को नई पहचान दिलाने तथा उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का एक प्रभावी और सार्थक मंच है। आज जिस प्रकार सरकार ने पलाश को प्रोमाट किया है वो बेहतरीन है। मैं खुद पलाश ब्रांड के सामग्रियों का उपयोग करता हुं। आज जिस प्रकार महिलाओं ने शत प्रतिशत मेहनत इस कार्यक्रम को चला रहे है वो काबिले तारीफ है। महिलाओं को मजबूत करने के उदेश्य से हमारी सरकार ने मुख्यमंत्री मंईंयाँ सम्मान योजना शुरू किया गया है, जो आप सभी महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रहा है। साथ ही आप सभी कहुंगा बच्चों को पढ़ायें और पढ़ाने में कोई तकलीफ हो तो हमारी सरकार गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना से बच्चों को लाभान्वित कर रही है। अंत में, मैं इस सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन, जे.एस.एल.पी.एस, सभी सहयोगी विभागों तथा सखी मंडल की समस्त दीदियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देता हूँ। हमें पूर्ण विश्वास है कि सखी मंडलों की यह यात्रा सशक्तिकरण से समृद्धि की ओर निरंतर आगे बढ़ती रहेगी और आने वाले समय में ग्रामीण विकास की एक नई मिसाल कायम करेगी।
इसके अलावे कार्यक्रम के दौरान सारठ विधायक उदय शंकर सिंह ने कहा कि ये मेला पिछले कुछ वर्षों से अच्छी दिशा और बेहर पैगाम दे रहा है। साथ ही दीदियों द्वारा बनाये जा रहे सामग्रियों की जितनी प्रशंसा की जाय वह कम है। उन्होंने कहा कि सरकार की पूरी कोशिश है कि ग्रामीण महिलाओं खासकर ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगों के आजीविका में वृद्धि की जाए, उनकी आय वृद्धि तथा सशक्तीकरण के लिए यह सरस मेला बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा।

देवघर न केवल आध्यात्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है, बल्कि ग्रामीण विकास एवं आजीविका संवर्धन का भी महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा हैःउपायुक्त

इसके अलावे कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा ने मंत्री हफीजुल हसन, सारठ विधायक उदय शंकर सिंह एवं उपस्थित जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ स्वयं सहायता समूह की दीदियों का स्वागत करते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूह के प्रयास से पलाश मेला का आयोजन हुआ है। मेला का अर्थ समूह से होता है और जब समूह के पहले स्वयं सहायता शब्द जुड़ जाए अर्थात स्वयं सहायता समूह द्वारा मेला लगाया गया हो तो मेला का महत्व स्वभाविक रूप से बढ़ जाता है। यह मेला उद्यमिता के क्षेत्र में और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए यह एक महत्वपूर्ण आयोजन है। देवघर न केवल आध्यात्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है, बल्कि ग्रामीण विकास एवं आजीविका संवर्धन का भी महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है। यह मेला झारखंड राज्य की पहचान को आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ने का एक सार्थक प्रयास है। झारखंड सहित अन्य राज्यों से आए स्वयं सहायता समूह इस आयोजन की व्यापकता को दर्शाते हैं। इस मेले में स्वयं सहायता समूह की दीदी द्वारा निर्मित विविध श्रेणी के उत्पाद प्रदर्शित एवं विक्रय हेतु उपलब्ध हैं। इनमें हस्तशिल्प, हथकरघा एवं खादी वस्त्र, शिल्क उत्पाद तथा पारंपरिक पेंटिंग शामिल हैं। ट्राइबल ज्वेलरी, डोकरा शिल्प, बांस एवं वुडन क्राफ्ट तथा लाख की चूड़ियाँ विशेष आकर्षण हैं। हस्तनिर्मित बैग, सजावटी वस्तुएँ एवं घरेलू उपयोग की सामग्री भी यहाँ उपलब्ध है। स्थानीय संसाधनों पर आधारित खाद्य प्रसंस्करण उत्पाद इस मेले की पहचान को और सुदृढ़ करते हैं। ये सभी उत्पाद स्थानीय कच्चे माल, पारंपरिक ज्ञान एवं कौशल विकास का परिणाम हैं। हमारा राज्य स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आजीविका सृजन की दिशा में निरंतर प्रगति कर रहा है। पलाश सरस मेला देवघर के एसजीएच उत्पादों को व्यापक बाजार से जोड़ने का प्रभावी मंच है। इससे स्थानीय उत्पादों को नई पहचान और नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं। यह मेला ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करता है। झारखंड सरकार एवं जिला प्रशासन देवघर में एसएचजी आधारित उद्यमिता को प्राथमिकता दे रहा है। प्रशिक्षण, विपणन एवं क्षमता संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं एवं नागरिकों से अपेक्षा है कि वे स्थानीय उत्पादों को अपनाएँ। इससे ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होगी। यह आयोजन देवघर को आध्यात्मिक के साथ-साथ आर्थिक रूप से सशक्त जिले के रूप में स्थापित करता है।

मंत्री ने दीदियों से बातचीत कर उनके कार्यों की सराहना करते हुए शुभकामनाएं दी

मंत्री हफीजुल हसन ने महोत्सव में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का परिभ्रमण किया तथा स्टॉल संचालकों से बातचीत कर उनके कार्यों की सराहना की और उनका हौसला अफजाई किया। साथ ही दीदियों द्वारा निर्मित विभिन्न सामग्रियों की खरीदारी मंत्री द्वारा की गयी। वहीं कार्यक्रम के अंत में उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने भेंट स्वरूप स्मृति चिन्ह् प्रदान किया। इसके अलावे संध्या बेला में मेला परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत लोकनृत्य भजन व देशभक्ति से ओतप्रोत गीतों का अद्भुत कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जो कि प्रतिदिन संध्या पहर में आयोजित किया जायेगा।

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