
RKTV NEWS/नोएडा (गौतम बुध नगर)12 नवंबर। महर्षि महेश योगी संस्थान द्वारा आयोजित “भारत उत्कर्ष महायज्ञ” का शुभारंभ आगामी 16 नवम्बर 2025 को गौतम बुद्ध नगर, नोएडा स्थित महर्षि नगर आश्रम परिसर में अत्यंत श्रद्धा और भव्यता के साथ किया जाएगा। दस दिवसीय यह महायज्ञ 16 से 25 नवम्बर तक आयोजित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य व्यक्तिगत और राष्ट्रीय उन्नति के साथ-साथ विश्वकल्याण, शांति और समृद्धि की कामना रहेगा।
इस अद्वितीय आयोजन का नेतृत्व महर्षि महेश योगी संस्थान के अध्यक्ष अजय प्रकाश श्रीवास्तव के दूरदर्शी मार्गदर्शन में किया जाएगा। श्री श्रीवास्तव यह कहेंगे कि “यज्ञ व्यक्ति और राष्ट्र, दोनों के उत्कर्ष का आधार होगा। जब सामूहिक चेतना पवित्र होगी, तब राष्ट्र की ऊर्जा भी ऊर्ध्वमुखी बनेगी।”
महायज्ञ का शुभारंभ महागणपति पूजन, महासंकल्प और गोपूजन से किया जाएगा। वैदिक ऋत्विजों के मंत्रोच्चार से पूरा परिसर गूँजेगा। उद्घाटन सत्र में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती जी महाराज (ज्योतिर्मठ, बदरिकाश्रम) के पावन सान्निध्य से समारोह को आध्यात्मिक ऊँचाई प्राप्त होगी।
पूरे दस दिनों तक चलने वाले इस 108 मण्डप महायज्ञ में लगभग 140 करोड़ वैदिक आहुति यज्ञनारायण भगवान को अर्पित की जाएँगी। यह आयोजन मानवता की भलाई, वैश्विक शांति, पर्यावरण संतुलन और राष्ट्र के समग्र विकास के लिए समर्पित रहेगा।
महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन प्रातः वैदिक अनुष्ठान संपन्न किए जाएँगे, जिनमें रुद्रहवन, लक्ष्मीनारायण हृदय होम, विष्णुसुक्त, महामृत्युंजय यज्ञ, सूर्यसुक्त और नक्षत्रसुक्त का आयोजन होगा। संध्या में वाल्मीकि रामायण पारायण और आष्टावधान सेवा का दिव्य वातावरण सृजित किया जाएगा।
विशेष आकर्षण के रूप में प्रतिदिन अपराह्न 3 बजे से रात्रि 8 बजे तक श्रीराम कथा का आयोजन किया जाएगा, जिसे परम पूज्य स्वामी श्री राघवाचार्य जी महाराज (श्रीरामलला सेवा सदन, अयोध्या) प्रस्तुत करेंगे। उनके प्रवचनों में रामकथा का लोक-सांस्कृतिक और आध्यात्मिक स्वर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेगा।
२५ नवम्बर को महायज्ञ का समापन समारोह अत्यंत वैदिक गरिमा के साथ संपन्न किया जाएगा। इस दिन रामतरक यज्ञ, कन्या पूजन, सुवासिनी पूजन, दंपती पूजन और पूर्णाहुति का आयोजन किया जाएगा। प्रसाद वितरण और महामंगल आरती से पूरा परिसर दिव्यता से आलोकित हो उठेगा।
महर्षि संस्थान के तत्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम केवल धार्मिक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक चेतना का महाउत्सव बनकर उभरेगा। परिसर में गौसेवा परियोजनाएँ, अन्नक्षेत्र (अखंड भंडारा), सांस्कृतिक झाँकियाँ और वैदिक साधना शिविर जैसी अनेक गतिविधियाँ निरंतर चलेंगी।
भारत के विभिन्न राज्यों से आने वाले सांस्कृतिक दलों की झाँकियाँ “विविधता में एकता” का सशक्त चित्र प्रस्तुत करेंगी। अन्नक्षेत्र में निरंतर सामुदायिक भोजन की व्यवस्था की जाएगी, जहाँ हजारों श्रद्धालु एक साथ प्रसाद ग्रहण करेंगे — समानता, सेवा और करुणा का प्रतीक बनकर।
महायज्ञ के अवसर पर देश-विदेश से अनेक संत, योगी, विद्वान, वैदिक आचार्य और समाजसेवी भी उपस्थित रहेंगे। जगद्गुरु रामानंदाचार्य प्रेमेश्वर पीठाधीश्वर स्वामी सतीशाचार्य जी महाराज की दिव्य उपस्थिति इस आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान करेगी।
महर्षि महेश योगी संस्थान, जो वर्षों से सार्वजनिक कल्याण, शिक्षा और आध्यात्मिक चेतना के क्षेत्र में सक्रिय है, इस महायज्ञ के माध्यम से एक नई सांस्कृतिक दिशा स्थापित करेगा। संस्थान के अध्यक्ष श्री अजय प्रकाश श्रीवास्तव, जो महर्षि सूचना प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय, अयोध्या के कुलाधिपति हैं, यह कहेंगे कि यह आयोजन “महर्षि जी के उस वैश्विक दृष्टिकोण का विस्तार होगा, जिसमें भारत आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बनेगा।”
महायज्ञ परिसर में ध्यान, वेद-अध्ययन, संस्कृत संवाद और योग-साधना के लिए भी विशेष प्रांगण तैयार किए जाएँगे, जहाँ श्रद्धालु वैदिक ज्ञान के साथ आत्मिक शांति का अनुभव करेंगे।
नोएडा का महर्षि नगर परिसर आगामी दिनों में भक्ति, सेवा और संस्कार का केंद्र बन जाएगा। श्रद्धालुओं की भीड़, वेद-मंत्रों की ध्वनि और दीपों की रौशनी से वातावरण ऐसा प्रतीत होगा जैसे आधुनिक भारत में पुनः वैदिक युग का अवतरण होने जा रहा हो।
“भारत उत्कर्ष महायज्ञ” वास्तव में एक ऐसा आध्यात्मिक प्रयास होगा, जो यज्ञ, योग, ज्ञान और सेवा को एक सूत्र में पिरोकर मानवता को नई दिशा देने का संदेश देगा। यह आयोजन यह बताएगा कि जब भारत अपनी आध्यात्मिक परंपरा में पुनः स्थिर होगा, तब वह केवल अपने लिए नहीं, बल्कि सम्पूर्ण विश्व के लिए प्रकाशपुंज बनेगा।
(स्थान : महर्षि नगर आश्रम, गेट नं. ६, नोएडा। संपर्क : ९८७१०९८०७३ / ८८८२९९९८८८)
