संरक्षित गौवंशों की देखभाल एवं गौशालाओं के बेहतर रखरखाव पर जोर।

गौवंश संरक्षण सरकार की प्राथमिकता, लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त।
RKTV NEWS/बागपत(उत्तर प्रदेश) 21जनवरी। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने जनपद के सिसाना गांव स्थित गौशाला का निरीक्षण कर गौवंश संरक्षण एवं व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गौवंश संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गौशालाओं में संरक्षित प्रत्येक गोवंश को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
गौशाला पहुंचते ही उप मुख्यमंत्री ने सबसे पहले वहां की मूलभूत सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने गोशाला परिसर की साफ-सफाई, शेड की स्थिति, प्रकाश एवं सुरक्षा इंतजामों की बारीकी से समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने गौशाला में संरक्षित गौवंशों को माला पहनाई, गुड़ खिलाया और विधिवत गौ पूजन किया।
गौशाला में कुल 275 गौवंश संरक्षित पाए गए, जिनमें 143 नर एवं 132 मादा गौवंश शामिल हैं। उप मुख्यमंत्री ने गोवंशों की संख्या, स्वास्थ्य स्थिति और रखरखाव से संबंधित अभिलेखों की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि बीमार या कमजोर गौवंशों की निगरानी किस प्रकार की जा रही है और उनके उपचार की क्या व्यवस्था है। इस पर संबंधित कर्मचारियों ने बताया कि नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाता है तथा आवश्यकता पड़ने पर पशु चिकित्सकों द्वारा उपचार सुनिश्चित किया जाता है।
निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री ने गौशाला में चारे, भूसे और पानी की उपलब्धता की भी समीक्षा की। उन्होंने चारे की गुणवत्ता, भंडारण व्यवस्था का अवलोकन किया। साथ ही यह भी निर्देश दिए कि सर्दी के मौसम को देखते हुए गौवंशों को पर्याप्त उचित वातावरण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि ठंड के कारण गौवंशों के बीमार पड़ने की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए विशेष सतर्कता बरती जाए।
सर्दी से बचाव की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए उप मुख्यमंत्री ने शेड में बिछे तिरपाल, भूसा, बोरी एवं अन्य उपायों की स्थिति देखी। जहां कहीं व्यवस्थाएं अपर्याप्त नजर आईं, वहां तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गौशाला में नियमित निगरानी की जाए और समय-समय पर निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाए।
इस दौरान जिलाधिकारी अस्मिता लाल, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ अरविंद त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।

