
ब्रह्मपुर/बक्सर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)14 फरवरी।महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर आयोजित गौरीशंकर विवाह महोत्सव श्री त्रिदण्डी स्वामी सेवा आश्रम में वैदिक व पारंपरिक रीति से गौरी पूजन और शंकर पूजन सहित शंकरभगवानका तिलकोत्सव आचार्य धर्मेन्द्र जीके संचालकत्व में संपन्न हुआ।जहाँ भक्ति मती माताओं द्वारा पारंपरिक मांगलिक गीतो के गायन व वैदिक मंत्रोच्चार से महौल दैविक बन गया।इस अवसर पर भोजपुरिया बाबा अजय बाबा, प.अनिल त्रिपाठी शास्त्री, त्रिगुण शास्त्री,आचार्य शिवजी पान्डेय ने विवाह संस्कार के संवर्धन पर बल दिया। आचार्य धर्मेन्द्र ने कहा कि विवाह संस्कार सनातन संस्कृति का प्राण है।विवाह को विवाह ही रहने दिया जाय,व्यापार बनने से रोकना होगा,विवाह संस्कार है, सौदा नहीं.. यहकाम समाज को ही करना होगा,केवल कानून से नहीं ,करूणा का संबल चाहिए।कल हिमाचल महाराज के आंगन मे माड़ो मटकोड़ ,हल्दी कलशा आदि होगा वहीं कैलाश पर शिव बरात की तैयारी चल रही है। दिल्ली पीठाधीश्वर रघुनंदन स्वामी। के तत्वावधान में सुन्दर झांकी दिखाया जा रहा है।
