स्वास्थ्य सेवा और महिला सशक्तिकरण का सशक्त मॉडल बनी जीएमसीएच की दीदी की रसोई।

26 जीविका दीदियों को सीधे आजीविका का आधार बनी दीदी की रसोई, दो वर्ष पूरे।
RKTV NEWS/बेतिया (पश्चिमी चंपारण)02 जनवरी।गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल बेतिया (जीएमसीएच) परिसर में संचालित ‘दीदी की रसोई’ ने अपने संचालन के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर दूसरा वर्षगांठ हर्षोल्लास के साथ मनाया। नए वर्ष की शुरुआत के साथ ही इस पहल ने अपनी सेवा यात्रा का एक और सफल वर्ष पूरा किया है।
इस अवसर पर दीदी की रसोई की भूमिका और उपलब्धियों की सराहना की गई। विगत दो वर्षों से दीदी की रसोई अस्पताल में भर्ती मरीजों को निरंतर स्वच्छ, पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन निःशुल्क उपलब्ध करा रही है। साथ ही मरीजों के परिजनों एवं अस्पताल आने वाले आगंतुकों को भी उचित मूल्य पर स्वादिष्ट एवं स्वच्छ भोजन प्रदान कर रही है, जिससे अस्पताल परिसर में भोजन की एक विश्वसनीय और सुलभ व्यवस्था विकसित हुई है।
बताते चलें दो वर्ष पूर्व दीदी की रसोई की शुरुआत की गई थी। तब से अब तक जीविका दीदियों द्वारा पूरी निष्ठा, अनुशासन और गुणवत्ता के साथ सेवा दी जा रही है। वर्षगांठ के अवसर पर एक सादे समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें दीदी की रसोई से जुड़ी जीविका दीदियों ने केक काटकर एक-दूसरे को बधाई दी।
इस कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज के उपाधीक्षक सहित जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक आर. के. निखिल, बेतिया सदर की प्रखंड परियोजना प्रबंधक आरुषि कुमारी, एरिया कोऑर्डिनेटर अरविंद कुमार एवं जिला के सभी विषयगत प्रबंधक उपस्थित रहे।
इस मौके पर जीविका के नॉन फ़ार्म मैनेजर सोहेल राज ने बताया की इस पहल से कुल 26 जीविका दीदियों को सीधे रोजगार का साधन प्राप्त हुआ है, जिससे उनके आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिला है। यह पहल आजीविका संवर्धन, महिला सशक्तिकरण और जनसेवा का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरी है।
इस अवसर पर जिला परियोजना प्रबंधक आर. के. निखिल ने दीदी की रसोई के सफल संचालन के लिए जीविका दीदियों की हौसला अफजाई करते हुए कहा की यह पहल स्वास्थ्य सेवा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक मॉडल बन चुकी है, जो आने वाले समय में और अधिक लोगों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।

