इको फ्रेंडली देशी उत्पादों का बना बड़ा बाजार।

परिवार संग लोग ले रहे देशी व्यंजनों का मजा।
RKTV NEWS/पटना(बिहार )29 दिसंबर।अपने हुनर को व्यवसाय में तब्दील करती हुई ग्रामीण महिलाएं आज कुशल उद्यमी के तौर पर अपनी पहचान बना रही हैं l ये वो महिलाएं हैं जिन्होंने देश की संस्कृति, परंपरा , लोक शिल्प, कलाकृतियां एवं देशी व्यंजनों को पुनर्जीवित करते हुए उसे बाजार में लाया है । बाजार में मिले प्रोत्साहन एवं बिक्री से ग्रामीण महिलाएं आर्थिक एवं सामाजिक तौर पर सशक्त हुई हैं l
“हुनरमंद हाथों से संवरता बिहार” थीम पर आधारित बिहार सरस मेला में ग्रामीण शिल्पकारों की कुशल उद्यमी बनने की दास्तां प्रदर्शित है l जहां शिल्प, कलाकृतियां, संस्कृति, परंपरा धरोहर और देशी व्यंजनों का समागम दिख रहा है l बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति , जीविका के तत्वाधान में बिहार सरस मेला 12 दिसंबर 25 से 4 जनवरी 26 तक गाँधी मैदान, पटना में तक आयोजित है l जहाँ बिहार समेत 25 राज्यों से आई स्वयं सहायता समूह से जुडी ग्रामीण महिला उद्यमी अपने-अपने प्रदेश की हस्तशिल्प, लोक कला , संस्कृति एवं व्यंजनों का प्रदर्शन एवं बिक्री कर रही है l
राष्ट्रीय स्तर के इस बहुउद्देशीय मेला में देश के कोने -कोने से महिला शिल्पकार एवं स्वरोजगारियों द्वारा देशी अंदाज में निर्मित उत्पादों एवं व्यंजनों की खरीद- बिक्री हो रही है। सरस मेला के आयोजन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण शिल्प एवं हुनर को प्रोत्साहन देना है l
बिहार के सभी 38 जिलों से 200 से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी जीविका दीदियां सूक्ष्म उद्यमी के तौर पर उपस्थित हैं । बिहार सरस मेला के आयोजन के 17 वें दिन 28 दिसंबर दिन रविवार को सवा लाख से अधिक लोग आए और लगभग 1 करोड़ 93 लाख रुपए से अधिक के उत्पादों एवं व्यंजनों की खरीद-बिक्री हुई l 18 दिनों में खरीद-बिक्री का आंकड़ा 25 करोड़ रूपया पार कर गया है l खरीद –बिक्री का आंकड़ा स्टॉल धारकों से लिए गए आंकड़ों पर आधारित होता है l
जीविका दीदियों द्वारा निर्मित मधुग्राम उत्पादक कंपनी के स्टॉल से विभिन्न प्रजातियों यथा तुलसी, सहजन, सरसों, करंज, जामुन और लीची की मधु की मांग बढ़ी है l इसकी बड़े पैमाने पर खरीद-बिक्री जारी है l जीविका दीदियों द्वारा संचालित शिल्पग्राम उत्पादक कम्पनी के स्टॉल से बड़े पैमाने परिधानों एवं हस्तशिल्प की प्रदर्शनी एवं बिक्री हो रही है l जानकी जीविका महिला स्टिचिंग उत्पादक कंपनी लिमिटेड, कोइलवर में जीविका दीदियाँ द्वारा निर्मित परिधान की मांग बढ़ी है l सतत जीविकोपार्जन योजना के स्टॉल पर जीविका दीदियों द्वारा उत्पादित हस्तशिल्प आकर्षण के केंद्र हैं l किशनगंज के चाय बागानों में जीविका दीदियों द्वारा उत्पादित महानंदा लीफ चाय के प्रति आगंतुकों का आकर्षण देखते ही बन रहा है l बच्चों के लिए फन जोन एवं पालना घर सजाये गए हैं l आगंतुकों के लिए सरस मेला परिसर में कैशलेश खरीददारी की भी व्यवस्था की गई है l
सरस रसोई परिसर में जीविका दीदी की रसोई के साथ ही व्यंजनों के विभिन्न स्टॉल पर शुद्ध, देशी एवं पौष्टिक व्यंजन का लुत्फ आगंतुक उठा रहे हैं l
सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत मुख्य मंच पर राहुल सहनी, रवि एवं शिल्पा ने अपने गायन से शमा बाँधा l शहनाज ने आजा आई बाहर गाकर दर्शकों की वाहवाही लूटी । तत्पश्चात अरुण एवं उनकी टीम ने लोक नृत्यों की भी प्रस्तुति की l मुख्य मंच पर कलाकारों के द्वारा रामायण से संबंधित सूर्पनखा के नाक कटने वाली प्रकरण पर आधारित झांकी प्रदर्शित की गई l कलाकारों में सतीश, राहुल एवं शिल्पा थे।मंच संचालन नाज़िश बानो, राज्य परियोजना प्रबंधक, जीविका ने किया। कार्यक्रम संयोजन आशा कुमारी, परियोजना प्रबंधक, जीविका की रही ।
विभिन्न योजनाओं के प्रति आगंतुकों को जागरूक करने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों एवं बैंकों के स्टॉल भी सुशोभित हैं । बिहार सरकार की विभिन्न योजनाओं के साथ ही सतत जीविकोपार्जन योजना के बिहार में सफल क्रियान्वयन की झलक दिख रही है।अत्यंत गरीब परिवारों के आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान की बानगी भी सतत जीविकोपार्जन योजना समेत लगभग सभी स्टॉल पर प्रदर्शित हो रही है।

