
RKTV NEWS/देवघर (झारखंड)09 दिसंबर।उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा के निर्देशानुसार शीत लहर एवं वायु प्रदूषण जागरूकता कार्यशाला तथा रैली का सफल आयोजन सदर अस्पताल सभागार में आयोजित किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा सोमवार को जिले में शीत लहर (Cold Wave) एवं वायु प्रदूषण (Air Pollution) से बचाव हेतु एक जागरूकता कार्यशाला एवं रैली का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को ठंड से होने वाली बीमारियों की रोकथाम, वायु की गुणवत्ता में गिरावट के दुष्प्रभाव तथा इससे बचने के व्यावहारिक उपायों के बारे में जानकारी देना था।
इसके अलावा कार्यक्रम का शुभारंभ सिविल सर्जन डॉ जुगल किशोर चौधरी एवं जिला पशु पालन पदाधिकारी डॉ पी के स्वाइन द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ जुगल किशोर चौधरी ने शीत लहर के दौरान होने वाले स्वास्थ्य जोखिम जैसे हाइपोथर्मिया, फ्लू, निमोनिया आदि की रोकथाम पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि शीत लहर के दौरान बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों में बीमारियों का खतरा अधिक रहता है, इसलिए समय पर सावधानियां अत्यंत आवश्यक हैं। साथ ही वायु प्रदूषण के कारण होने वाली समस्याओं – विशेष रूप से दमा, एलर्जी, , हृदय-रोग के संदर्भ में उचित सावधानियाँ साझा की गईं।
जिला पशु पालन पदाधिकारी डॉ पी के स्वाइन अपने उद्बोधन में कहा कि शीत लहर के दौरान पालतू जानवरों ठण्ड से बचाव के लिए विशेष घ्यान देने कि आवश्कता है शीत लहर से पशुओं की सुरक्षा पशुओं को गर्म और हवा-रहित स्थान पर रखने की सलाह पशु शेड में तिरपाल, भूसा, बोरी या खड़हल का उपयोग,नवजात बछड़ों व कमजोर पशुओं के लिए अतिरिक्त गर्म रखने की व्यवस्था।ठंडे पानी की बजाय हल्का गुनगुना पानी उपलब्ध कराने की अपील।पर्याप्त सूखा चारा एवं ऊर्जा युक्त भोजन उपलब्ध कराना। वायु प्रदूषण से बचाव के लिए धूल, धुआं और धुएँदार वातावरण से पशुओं को दूर रखना,गोशालाओं व पशु शेड की नियमित सफाई और वेंटिलेशन की व्यवस्था,रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए विटामिन एवं खनिज मिश्रण देने की सलाह एवं खाँसी, सांस लेने में कठिनाई या आँखों में जलन दिखने पर तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करे।
कार्यशाला के मुख्य बिंदु
शीत लहर से बचाव हेतु गरम कपड़ों का उपयोग, घरों को गर्म रखना, बुजुर्गों और बच्चों की विशेष देखभाल।
वायु प्रदूषण से बचने हेतु मास्क का उपयोग, सुबह-शाम अत्यधिक धुंध के समय बाहर कम निकलना, घरों में वेंटिलेशन का ध्यान रखना।
AQI की जानकारी लेना और अधिक प्रदूषण वाले दिनों में सावधानियाँ बढ़ाना।
अस्वस्थ महसूस होने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करना।
जागरूकता प्रभात फेरी
कार्यशाला के पूर्व स्वास्थ्य कर्मियों, और स्थानीय नागरिकों की सहभागिता से एक जागरूकता प्रभात फैरी रैली निकाली गई। रैली में “शीत लहर से सावधान रहें – सुरक्षित रहें”, “स्वच्छ हवा, स्वस्थ जीवन”, “प्रदूषण मुक्त वातावरण – सबकी जिम्मेदारी” जैसे संदेशों के नारे लगाते हुए आमजन को जागरूक किया गया। जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ मनीष शेखर ने बताया कि मौसम में अचानक बदलाव और वायु गुणवत्ता में गिरावट से स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। इसलिए विभाग द्वारा जनजागरूकता गतिविधियों को लगातार चलाया जाएगा ताकि आम नागरिक समय रहते आवश्यक सावधानियाँ अपनाएँ।
इस अवसर पर जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ संचयन,उपाधीक्षक सदर अस्पताल डॉ पीके शर्मा,डीपीएम नीरज भगत,डीपीसी प्रवीण सिंह, डीडीएम पोखराज,राजीव कुमार,राजेश राय,शंकर दयाल,कासिम अंसारी,नोडल सीएच्ओ,शहरी सहिया आदि उपस्थित थे।
