जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय मुख्य समारोह में उपायुक्त ने किया ध्वजारोहण, परेड का किया निरीक्षण।
जिले की विकास उपलब्धियों को किया साझा, उत्कृष्ट कार्य करने वाले पदाधिकारी एवं कर्मी प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित।
RKTV NEWS/चतरा (झारखंड)15 अगस्त।पूरे देश के साथ चतरा जिले में भी 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्ष, उल्लास एवं देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रातः 08:00 बजे समाहरणालय परिसर, चतरा में उपायुक्त रवि आनंद ने ध्वजारोहण कर राष्ट्रध्वज को सलामी दी। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री अनिमेष नैथानी सहित वरीय पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। ध्वजारोहण के पश्चात राष्ट्रगान हुआ।
इसके उपरांत उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक ने फांसीहारी तालाब स्थित शहीद स्मारक पर माल्यार्पण कर अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके साथ ही पोस्ट ऑफिस चौक स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया। विनय भारती पार्क में भी महापुरुषों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। तत्पश्चात पोस्ट ऑफिस चौक स्थित रेड क्रॉस भवन में ध्वजारोहण किया गया।
जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित हुआ मुख्य समारोह
स्वतंत्रता दिवस का जिला स्तरीय मुख्य समारोह जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, चतरा में आयोजित किया गया। समारोह में उपायुक्त रवि आनंद एवं पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी ने सुसज्जित वाहन पर सवार होकर पुलिस बल, एनसीसी कैडेट्स एवं स्कूली बच्चों की परेड का निरीक्षण किया। इसके पश्चात उपायुक्त ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर राष्ट्रध्वज को सलामी दी तथा राष्ट्रगान हुआ।
इस अवसर पर छात्राओं द्वारा प्रस्तुत आकर्षक बैंड प्रदर्शन ने समारोह के वातावरण को देशभक्ति एवं राष्ट्रीय भावना से सराबोर कर दिया। समारोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिले के पदाधिकारियों एवं कर्मियों को उपायुक्त द्वारा प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
स्वतंत्रता दिवस पर उपायुक्त ने गिनाईं जिले की विकास उपलब्धियां
मुख्य समारोह को संबोधित करते हुए उपायुक्त रवि आनंद ने जिलेवासियों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने नगर परिषद अध्यक्ष, जिला परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, सभी जनप्रतिनिधियों, स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों, वरीय पदाधिकारियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों, शिक्षकों, छात्र-छात्राओं, मीडिया प्रतिनिधियों तथा चतरा के नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस भारत के गौरव, स्वाभिमान एवं राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है।
उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले महान स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस, महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल, डॉ. भीमराव आंबेडकर, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सुखदेव, राजगुरु, रानी लक्ष्मीबाई, भगवान बिरसा मुंडा, तिलका मांझी, सिदो-कान्हू, चांद-भैरव सहित सभी ज्ञात-अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
उपायुक्त ने कहा कि स्वतंत्रता केवल हमारे अधिकारों का उत्सव नहीं, बल्कि अपने कर्तव्यों के प्रति प्रतिबद्धता को स्मरण करने का अवसर भी है। विकसित भारत के निर्माण में प्रत्येक नागरिक, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि चतरा मेहनतकश किसानों, युवाओं, महिलाओं, शिक्षकों, स्वास्थ्यकर्मियों, पुलिस बल, स्वयं सहायता समूहों एवं जागरूक नागरिकों की भूमि है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि जनसेवा, पारदर्शिता एवं विकास को केंद्र में रखते हुए प्रत्येक पात्र नागरिक तक सरकार की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ पहुंचाया जाए।
ग्रामीण विकास एवं रोजगार के क्षेत्र में मनरेगा के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने के साथ परिसंपत्तियों का निर्माण किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में जून 2026 तक 18.58 लाख मानव दिवस के लक्ष्य के विरुद्ध 7.77 लाख मानव दिवस का सृजन किया गया है। बिरसा हरित ग्राम योजना के अंतर्गत 1,700 एकड़ के लक्ष्य के विरुद्ध 1,799 एकड़ में वृक्षारोपण किया गया है तथा लाभुकों द्वारा 344 क्विंटल आम का उत्पादन कर स्थानीय बाजार में बिक्री की गई है।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत वर्ष 2016 से अब तक 82,985 के लक्ष्य के विरुद्ध 81,965 आवास पूर्ण किए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 15,466 आवासों में से 3,811 आवास पूर्ण हुए हैं। PM-JANMAN के अंतर्गत 715 PVTG लाभुकों को आवास का लाभ दिया गया है। अबुआ आवास योजना के अंतर्गत भी हजारों लाभुकों को आवास उपलब्ध कराया गया है। उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र परिवार आवास एवं रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित न रहे।
खाद्य सुरक्षा के संबंध में उपायुक्त ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत जिले में 1,83,918 कार्डधारी परिवारों के 8,63,492 सदस्यों को आच्छादित किया गया है। PHH परिवारों को प्रति सदस्य पांच किलोग्राम तथा AAY परिवारों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले में 14 मुख्यमंत्री दाल-भात केंद्र संचालित हैं, जहां जरूरतमंद लोगों को कम कीमत पर भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
धान अधिप्राप्ति के अंतर्गत जिले में 40 पैक्स/FPO का चयन किया गया। 3,604 किसानों से 1,67,044.10 क्विंटल धान की खरीद की गई तथा संबंधित किसानों को भुगतान किया गया। कृषि क्षेत्र में प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत 90 प्रतिशत अनुदान पर सोलर पंप उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वर्ष 2025-26 में 4,035 किसानों को सोलर पंप का लाभ दिया गया। झारखंड कृषि ऋण माफी योजना के अंतर्गत जिले के 19,751 किसानों का ऋण माफ किया गया है।
सड़क एवं ग्रामीण कनेक्टिविटी को विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला बताते हुए उपायुक्त ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत वर्ष 2019-20 से अब तक 59 पथों की 465.802 किलोमीटर लंबाई के लिए स्वीकृति मिली है, जिनमें 47 पथों की 384.437 किलोमीटर लंबाई का निर्माण पूर्ण हो चुका है। इसी योजना के अंतर्गत स्वीकृत 22 पुलों में से 14 पुलों का निर्माण पूर्ण किया गया है। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत स्वीकृत 77 पथों में से 36 पथ पूर्ण हो चुके हैं। सड़क सुदृढ़ीकरण योजना के अंतर्गत स्वीकृत 145 पथों में से 53 पथों का कार्य पूर्ण किया गया है। DMFT के अंतर्गत 235 PCC पथ/पुलों की योजनाएं स्वीकृत हैं, जिनमें 189 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के अंतर्गत 38 पुल पूर्ण तथा 11 पुल निर्माणाधीन हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में वर्ष 2026-27 में जिले के 1,569 सरकारी विद्यालयों के 1,90,980 विद्यार्थियों को समय पर निःशुल्क पाठ्यपुस्तक एवं नोटबुक उपलब्ध कराई गई है। कक्षा 1 से 8 तक के 1,44,989 विद्यार्थियों को स्कूल बैग तथा कक्षा 8 के 726 विद्यार्थियों को निःशुल्क साइकिल दी गई है। जिले में तीन मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय संचालित हैं। 10 कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय एवं दो झारखंड आवासीय बालिका विद्यालयों में लगभग 5,573 छात्राएं अध्ययनरत हैं। डिजिटल शिक्षा के लिए 154 स्मार्ट क्लास एवं 176 ICT लैब संचालित हैं। 35 उच्च/उच्चतर विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा तथा 22 विद्यालयों में गणित एवं विज्ञान लैब संचालित हैं। DMFT के माध्यम से विद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष, चहारदीवारी एवं जिला पुस्तकालय जैसी सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में उपायुक्त ने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, संस्थागत प्रसव, नियमित टीकाकरण, पोषण एवं प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2026 में गर्भवती महिलाओं की जांच का लक्ष्य 8,421 के विरुद्ध 8,250 की उपलब्धि हासिल की गई है। संस्थागत प्रसव में 5,758 की उपलब्धि तथा पूर्ण प्रतिरक्षित बच्चों की संख्या 6,901 रही। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत अब तक 5,95,842 गोल्डन कार्ड जारी किए गए तथा 2,197 लाभुकों का उपचार किया गया है। जिले के छह सरकारी एवं तीन गैर-सरकारी अस्पताल योजना से सूचीबद्ध हैं। सदर अस्पताल, चतरा में MNCU प्रारंभ किया गया है तथा डायलिसिस एवं ICU की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। 50 बेड वाले Critical Care Hospital Block का निर्माण लगभग 75 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है तथा सिमरिया Community Health Centre भवन का कार्य लगभग 95 प्रतिशत पूर्ण है।
पेयजल एवं स्वच्छता के क्षेत्र में जल जीवन मिशन के अंतर्गत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के 2,21,981 घरों को नल से जल उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। अब तक 1,44,024 घरों अर्थात 64.88 प्रतिशत घरों में नल से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। जल गुणवत्ता की निगरानी के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में FTK के माध्यम से 9,997 पेयजल नमूनों की जांच की गई है। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन का कार्य किया जा रहा है। जिले के 1,329 गांवों में से 1,126 गांवों को ODF Plus श्रेणी से जोड़ा गया है। Single Use Plastic के सुरक्षित निस्तारण के लिए प्लास्टिक पृथक्करण केंद्र एवं Plastic Waste Management Unit विकसित किए जा रहे हैं।
महिला एवं बाल विकास तथा सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में जिले में 1,143 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनके माध्यम से 0-6 वर्ष के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं किशोरियों को विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के अंतर्गत इस वित्तीय वर्ष में 39,000 बालिकाओं को लाभ देने का लक्ष्य निर्धारित है। पोषण कार्यक्रम के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों एवं गर्भवती तथा धात्री महिलाओं को पोषण सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। सखी वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से हिंसा से प्रभावित महिलाओं को पुलिस, कानूनी, चिकित्सा एवं परामर्श सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
सामाजिक सुरक्षा के अंतर्गत अप्रैल से जुलाई 2026 के दौरान 1,78,501 लाभुकों को मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना का भुगतान तथा 1,13,659 लाभुकों को सर्वजन पेंशन योजना का भुगतान किया गया है।
प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में SC, ST एवं OBC के 82,711 विद्यार्थियों को ₹16.26 करोड़ की छात्रवृत्ति वितरित की गई। मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के अंतर्गत वर्ष 2022-23 से 2026-27 तक 414 लाभुकों को लगभग ₹13.24 करोड़ का ऋण उपलब्ध कराया गया। वर्ष 2026-27 में 7,334 विद्यार्थियों को निःशुल्क साइकिल दी गई। जनजातीय समुदाय के लिए सरना, मसना एवं गड़गड़ी संरक्षण तथा आदिवासी कला-संस्कृति केंद्र एवं धुमकुड़िया भवन से संबंधित योजनाएं संचालित हैं। वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत वर्ष 2006 से 2027 तक 1,608 लाभुकों को 2,112.71 एकड़ व्यक्तिगत पट्टा तथा 73 सामुदायिक पट्टे वितरित किए गए हैं।
महिलाओं की आजीविका एवं आर्थिक सशक्तीकरण के लिए JSLPS द्वारा 13,080 सखी मंडलों का गठन किया गया है, जिनसे 1,46,448 परिवार जुड़े हैं। 11,167 स्वयं सहायता समूहों को Revolving Fund के रूप में ₹17.87 करोड़ तथा 10,559 समूहों को Community Investment Fund के रूप में ₹63.59 करोड़ उपलब्ध कराए गए हैं। Cash Credit Linkage के माध्यम से 11,162 सखी मंडलों को लगभग ₹385.02 करोड़ का ऋण उपलब्ध कराया गया है। दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल विकास योजना के अंतर्गत 2,903 युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया, जिनमें 890 युवाओं को रोजगार से जोड़ा गया है। चतरा, टंडवा, सिमरिया, हंटरगंज, प्रतापपुर एवं इटखोरी प्रखंडों में प्रशिक्षण-सह-कौशल विकास केंद्रों के भवन निर्माण का कार्य किया गया है।
DMFT के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, महिला एवं बाल कल्याण, पर्यावरण संरक्षण तथा आधारभूत संरचना के क्षेत्र में योजनाएं संचालित हैं। वर्ष 2026-27 में DMFT के अंतर्गत ₹58.26 करोड़ की 57 योजनाएं स्वीकृत हैं, जिनमें पुल, PCC पथ, चहारदीवारी एवं विद्यालय भवन से संबंधित योजनाएं शामिल हैं। जिला योजना अनाबद्ध निधि के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में ₹10 करोड़ से पेयजल, PCC पथ, पुल-पुलिया, शौचालय, पुस्तकालय, चहारदीवारी एवं नाली सहित 58 योजनाएं क्रियान्वित की गईं। वर्ष 2026-27 में ₹9 करोड़ की 16 योजनाएं प्रगति पर हैं।
श्रमिक कल्याण के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1,985 असंगठित श्रमिकों का पंजीकरण किया गया है। विभिन्न सहायता योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों को लाभान्वित किया जा रहा है। भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत 2,920 निर्माण श्रमिकों का पंजीकरण किया गया है।
विद्युत क्षेत्र में RDSS योजना के अंतर्गत चतरा पैकेज की परियोजना लागत लगभग ₹66.61 करोड़ है तथा लगभग 76 प्रतिशत erection work पूर्ण हो चुका है। 184 CKm LT AB Cable, 230 CKm LT AB Cable तथा अन्य विद्युत अधोसंरचना से संबंधित कार्य किए गए हैं। स्मार्ट मीटरिंग के अंतर्गत 16,945 स्मार्ट मीटर स्थापित किए गए हैं। मुख्यमंत्री उज्ज्वल झारखंड योजना के अंतर्गत 258 छूटे हुए Habitation के लक्ष्य में से 153 Habitation का विद्युतीकरण पूर्ण किया जा चुका है।
वन एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में दक्षिणी वन प्रमंडल में वर्ष 2026-27 में 18,23,323 पौधों का वृक्षारोपण किया गया है। मानव-हाथी द्वंद्व प्रभावित क्षेत्रों में 228 सोलर लाइट एवं 90 टॉर्च उपलब्ध कराए गए हैं तथा Animal Rescue Team का गठन किया गया है।
बड़ी परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए उपायुक्त ने कहा कि वाराणसी-कोलकाता ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना के अंतर्गत चतरा जिले में 445 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया है तथा प्रभावित रैयतों को अब तक लगभग ₹205 करोड़ का भुगतान किया गया है। चतरा बाईपास एवं सिमरिया बाईपास परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण एवं मुआवजा भुगतान की कार्रवाई पूर्ण कर निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया है।
पशुपालन क्षेत्र में वर्ष 2025-26 में 690 किसानों को विभिन्न दुग्ध एवं पशुधन योजनाओं का लाभ दिया गया। जिले से प्रतिदिन लगभग 7,000 लीटर दूध का संग्रहण किया जा रहा है। मत्स्य विभाग के अंतर्गत वर्ष 2026-27 में 4,100 मीट्रिक टन मत्स्य उत्पादन दर्ज किया गया तथा लगभग 2,246 हेक्टेयर जलक्षेत्र में मत्स्य पालन किया जा रहा है। खेल के क्षेत्र में चतरा में आवासीय बालिका फुटबॉल प्रशिक्षण केंद्र संचालित है तथा विभिन्न प्रखंडों में प्रखंड स्तरीय स्टेडियमों का निर्माण किया जा रहा है। जिले में 18 अधिसूचित पर्यटन स्थल भी हैं।
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के समन्वित प्रयास से जिले में शांति, सौहार्द एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सफलता मिली है। आधारभूत संरचना, पेयजल, विद्युत, सड़क एवं सार्वजनिक भवनों के विकास के लिए विभिन्न विभागों द्वारा समन्वित रूप से कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का संकल्प है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे, कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, प्रत्येक परिवार को बेहतर स्वास्थ्य सेवा मिले, किसानों की आय एवं उत्पादकता बढ़े, युवाओं को कौशल एवं रोजगार के अवसर मिलें तथा महिलाओं की भागीदारी एवं आर्थिक सशक्तीकरण को और मजबूती मिले। उन्होंने पर्यावरण एवं जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने तथा प्रशासन को पारदर्शी, संवेदनशील, जवाबदेह एवं जन-केंद्रित बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
उपायुक्त ने जिले के युवाओं से विशेष आग्रह करते हुए कहा कि वे ज्ञान, अनुशासन, नवाचार एवं राष्ट्रप्रेम को अपनी शक्ति बनाएं। नशे, हिंसा एवं सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने जिलेवासियों से पर्यावरण एवं जल संरक्षण, स्वच्छता, बेटियों की शिक्षा, संविधान के मूल्यों एवं सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि चतरा जिला प्रशासन पारदर्शी, संवेदनशील, उत्तरदायी एवं जन-केंद्रित प्रशासन देने के लिए प्रतिबद्ध है। समयबद्ध समस्या समाधान, भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहनशीलता तथा सुशासन जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। स्वतंत्रता दिवस के इस पावन अवसर पर उन्होंने सभी से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए संविधान का सम्मान करने, अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करने तथा चतरा को झारखंड के अग्रणी जिलों में स्थापित करने के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
मुख्य समारोह में जिला परिषद अध्यक्षा ममता कुमारी, जिला परिषद उपाध्यक्ष ब्रिज किशोर तिवारी, नगर परिषद अध्यक्ष अताउर रहमान, उत्तरी वन प्रमंडल पदाधिकारी राहुल मीणा, दक्षिणी वन प्रमंडल पदाधिकारी, अपर समाहर्ता अरविंद कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी शकील अहमद सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी, स्कूली छात्र-छात्राएं तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।



