
आरा/भोजपुर डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)15 अगस्त।धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज की 119वीं जयंती के अवसर पर श्रीसनातन शक्तिपीठ संस्थानम् एवं सनातन-सुरसरि सेवा न्यास के संयुक्त तत्वावधान में श्रीहनुमत्सदन, फ्रेंड्स कॉलोनी में पूजन-अर्चन एवं संगोष्ठी का आयोजन किया गया।आचार्य (डॉ.) भारतभूषण पाण्डेय ने कहा कि स्वामी करपात्री जी महाराज धर्म और ब्रह्म के मूर्तिमंत स्वरूप थे। वे वैदिक सनातन सदाचार तथा सनातन परंपरा के प्रचार-प्रसार एवं संरक्षण के प्रमुख वाहक रहे। उन्होंने कहा कि महान संन्यासी, संगठक एवं दार्शनिक के रूप में स्वामी करपात्री जी का योगदान सदैव प्रेरणादायी रहेगा।प्रो. डॉ. नन्दजी दूबे ने कहा कि अखिल भारतवर्षीय धर्मसंघ एवं रामराज्य परिषद के संस्थापक तथा गोरक्षा आंदोलन के प्रमुख सूत्रधार के रूप में स्वामी करपात्री जी महाराज का व्यक्तित्व अद्वितीय था। उनके प्रवचनों और लेखन का व्यापक प्रभाव पड़ा। उन्होंने स्वामी जी की कृतियों ‘मार्क्सवाद और रामराज्य’ सहित अन्य ग्रंथों के अध्ययन पर बल दिया।समाजसेवी शिवदास सिंह ने कहा कि स्वामी करपात्री जी के प्रेरक आदर्शों का प्रचार-प्रसार क्षेत्र में आचार्य भारतभूषण पाण्डेय द्वारा निरंतर किया जा रहा है।
पूजन-अर्चन मधेश्वर नाथ पांडेय ने कराया। स्वागत अखिलेश्वर सिंह तथा धन्यवाद ज्ञापन ध्रुव कुमार सिंह ने किया। इस अवसर पर सचिव सत्येन्द्र नारायण सिंह, जनार्दन मिश्र, चंद्रवंश ओझा, मुरारि मोहन ओझा, अजय मिश्र, सुदर्शन गोस्वामी, रविरंजन सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

