कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में समय-सीमा के प्रकरणों (टीएल) एवं अंतर-विभागीय समन्वय समिति की बैठक सम्पन्न।
इंदौर/मध्यप्रदेश ( मनोज कुमार प्रसाद) 10 नवम्बर। कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में आज समय-सीमा के अंतर्गत प्राप्त प्रकरणों के निराकरण ( टीएल ) तथा अंतर-विभागीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विकासात्मक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, साथ ही सीएम हेल्पलाइन के अंतर्गत दर्ज शिकायतों के निराकरण की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
कलेक्टर श्री वर्मा ने निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन के सभी प्रकरणों का निराकरण पूर्ण गंभीरता के साथ समयबद्ध रूप से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। समीक्षा के दौरान लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री एवं उपयंत्री द्वारा लापरवाही पाए जाने पर दोनों को शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
परिवार नियोजन की राशि के भुगतान में लापरवाही संबंधी प्रकरण की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने जांच के निर्देश देते हुए कहा कि यदि जांच में भुगतान लंबित पाया गया तो संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सिद्धार्थ जैन, इंदौर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. परीक्षित झाड़े, अपर आयुक्त नगर निगम रोहित सिसोनिया, अपर कलेक्टर नवजीवन विजय पंवार, रोशन राय, रिंकेश वैश्य, निशा डामोर सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
सड़क मरम्मत कार्य एक सप्ताह में अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश
बैठक में कलेक्टर श्री वर्मा ने जिले में चल रहे सड़क मरम्मत कार्यों की भी समीक्षा की और निर्देश दिए कि सभी मरम्मत कार्य एक सप्ताह में हर स्थिति में पूर्ण कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि इंदौर की साफ-सफाई एवं सुगम यातायात व्यवस्था को बनाए रखना प्रत्येक विभाग का दायित्व है। उन्होंने कहा कि इंदौर नंबर वन है और नंबर वन ही रहना चाहिए।
आवारा श्वानों पर सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश
बैठक में आवारा श्वानों (स्ट्रीट डॉग्स) के संबंध में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी दिशा-निर्देशों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में जानकारी दी गई कि दिशा-निर्देश प्राप्त हो गए हैं और उनके अनुसार समयबद्ध कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर श्री वर्मा ने निर्देश दिए कि सार्वजनिक स्थानो जैसे स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, खेल परिसर, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन एवं मुख्य मार्गों पर आवारा श्वान दिखाई न दें, इसकी प्रभावी व्यवस्था की जाए। स्कूल प्रबंधन यह सुनिश्चित करें कि श्वान परिसर में प्रवेश न करें तथा सुरक्षा-व्यवस्थाएं मजबूत रखें। यदि किसी संस्था परिसर में श्वान के द्वारा काटने की घटना होती है, तो संबंधित संस्था प्रमुख उत्तरदायी होंगे। सभी कार्यालय प्रमुख अपने कार्यालय प्रांगण में श्वान प्रवेश रोकने के उपाय सुनिश्चित करें। आवारा पशुओं के विचरण पर भी सख्त नियंत्रण रखा जाए। कलेक्टर ने सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निगरानी रखने को कहा।
ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए विशेष जांच अभियान के निर्देश
कलेक्टर श्री वर्मा ने यातायात व्यवस्था में सुधार और यात्रियों की सुरक्षा हेतु तत्काल विशेष जांच अभियान शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जांच दल शीघ्र गठित कर अभियान प्रारंभ किया जाए तथा वाहनों की फिटनेस नहीं मिलने और अन्य अनियमितता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाए।
स्वदेशी और प्राकृतिक कृषि उत्पादों को प्रोत्साहन
कलेक्टर श्री वर्मा ने सभी अधिकारी-कर्मचारियों से स्वदेशी उत्पादों एवं प्राकृतिक कृषि आधारित उत्पादों को बढ़ावा देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण हाट बाजार में स्थापित साप्ताहिक प्राकृतिक उत्पाद विक्रय केंद्रों का अधिकारीगण स्वयं अवलोकन करें और आवश्यकतानुसार सामग्री क्रय कर उत्पादकों को बढ़ावा दें।
बीएलओ ड्यूटी पर लगे कर्मचारियों को तत्काल रिलीव करने के निर्देश
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिन कार्यालयों के अधिकारी-कर्मचारी बूथ लेवल अधिकारी (BLO) के रूप में नियुक्त हैं, उन्हें तत्काल रिलीव किया जाए, ताकि निर्वाचन कार्य प्रभावी ढंग से संपादित हो सके।

