DM, CDO एवं शीर्ष अफसर खुद कर रहे स्वगणना, अब बागपत में एक लाख लोगों तक पहुंचने की तैयारी।

नागरिकों से आह्वान: मोबाइल पर कुछ मिनट देकर बनिए देश की पहली डिजिटल जनगणना का हिस्सा।
RKTV NEWS/बागपत(उत्तर प्रदेश)10 मई। “इस बार जनगणना में सिर्फ कर्मचारी घर-घर नहीं जाएंगे, बल्कि लोग खुद अपने मोबाइल से अपनी जानकारी दर्ज करेंगे।” बागपत में चल रहे स्वगणना अभियान को लेकर जिला प्रशासन कुछ इसी सोच के साथ काम कर रहा है। उत्तर प्रदेश में 7 मई से 21 मई तक चल रहे अभियान के तहत अब बागपत में भी प्रशासन इसे केवल सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनभागीदारी का अभियान बनाने में जुट गया है।
डिजिटल जनगणना को लेकर प्रशासन का फोकस इस बात पर है कि लोग खुद आगे आकर स्वगणना करें। अधिकारियों का मानना है कि जब नागरिक स्वयं अपने मोबाइल पर कुछ आसान स्टेप्स पूरा कर अपनी जानकारी दर्ज करेंगे, तभी देश की पहली डिजिटल जनगणना सही मायनों में सफल हो सकेगी।
अभियान की सबसे खास बात यह रही कि इसकी शुरुआत केवल अपीलों तक सीमित नहीं रही। जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने स्वयं ऑनलाइन माध्यम से स्वगणना कर लोगों को संदेश देने का प्रयास किया। इससे पहले मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह भी अपनी स्वगणना पूरी कर चुके हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जब अधिकारी और कर्मचारी खुद इस प्रक्रिया से गुजरेंगे तो आमजन में भरोसा बढ़ेगा और लोग भी इसे आसानी से समझ सकेंगे।
जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने कहा कि जनगणना 2027 देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी और स्वगणना इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। नागरिक अब स्वयं ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर इस राष्ट्रीय अभियान के सहभागी बन सकते हैं।
जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों और सरकारी कार्यालयों में कार्यरत अधिकारियों-कर्मचारियों को स्वगणना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का मानना है कि जब सरकारी कर्मचारी स्वयं स्वगणना करेंगे तो वे गांवों और मोहल्लों में अन्य लोगों को भी इसकी प्रक्रिया आसानी से समझा सकेंगे और लोग भी इस प्रक्रिया से जुड़ने के लिए प्रेरित होंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान को लेकर विशेष सक्रियता दिखाई जा रही है। पंचायत स्तर तक अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। ग्राम सचिवालयों, पंचायत भवनों, जनसेवा केंद्रों, स्कूलों और कॉलेजों के माध्यम से लोगों को स्वगणना की जानकारी दी जा रही है। कई जगह कर्मचारियों द्वारा कैंप लगाकर लोगों को मोबाइल पर स्वगणना की प्रक्रिया समझाई जा रही है, जिससे लोगों में रुचि भी बढ़ रही है।
इसके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पंचायत कर्मचारियों, शिक्षकों, लेखपालों और अन्य फील्ड कर्मचारियों को भी लोगों को जागरूक करने की जिम्मेदारी दी गई है। सोशल मीडिया, व्हाट्सएप ग्रुप, पोस्टर, बैनर और स्थानीय जनसंपर्क माध्यमों के जरिए लगातार लोगों तक संदेश पहुंचाया जा रहा है।
*उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के तहत स्व-गणना (Self-Enumeration) की प्रक्रिया 7 मई 2026 से शुरू होकर 21 मई 2026 तक चलेगी।*
*Self Enumeration(स्व गणना) करने का तरीका https://se.census.gov.in* पर करे।
जिला प्रशासन के अनुसार अभी तक करीब 2000 लोग स्वगणना कर चुके हैं। प्रशासन ने 21 मई तक इस संख्या को बढ़ाकर एक लाख तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए विभागवार समीक्षा भी की जा रही है और अधिकारियों को अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।

