
RKTV NEWS/दुमका (झारखंड)25 अक्टूबर।आज काठीकुंड प्रखंड में महिलाओं की आजीविका सशक्तिकरण से जुड़े विभिन्न गतिविधियों का औचक निरीक्षण उप विकास आयुक्त अनिकेत सचान के नेतृत्व में किया गया।
सगुन सुतम आजीविका सिलाई केंद्र का दौरा करते हुए उप विकास आयुक्त ने केंद्र में चल रही सिलाई, परिधान निर्माण और विपणन कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने महिलाओं से संवाद करते हुए कहा कि “ऐसे आजीविका केंद्र महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का प्रतीक हैं, जो उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के साथ परिवार की गरिमा और सुरक्षा को सशक्त आधार प्रदान करते हैं।”
उप विकास आयुक्त ने निर्देश दिया कि घर पर कार्य करने वाली महिलाओं को भी केंद्र से जोड़ा जाए। इसके लिए संकुल संघ के माध्यम से मांग के अनुसार लोन उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया, ताकि महिलाएं घर पर सिलाई कर सामूहिक विपणन (Collective Marketing) का लाभ उठा सकें। इससे अधिक महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित होगी और उनकी आय में वृद्धि होगी।
निरीक्षण के क्रम में उन्होंने चक्मुहा गाँव में JSLPS के पोल्ट्री FPO के माध्यम से संचालित BV-380 नस्ल की मुर्गीपालन इकाई का दौरा किया। उन्होंने महिलाओं द्वारा संचालित इस पोल्ट्री यूनिट की सराहना करते हुए कहा कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक उत्कृष्ट मॉडल है। उन्होंने महिलाओं से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया और सुझाव दिया कि समूह आधारित पोल्ट्री व्यवसाय को और अधिक विस्तार दिया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि FPO के माध्यम से अधिक से अधिक महिलाओं को जोड़कर BV-380 लेयर बर्ड मुर्गीपालन को प्रोत्साहित किया जाए, ताकि महिलाओं की आय में स्थायी वृद्धि हो और वे मजबूत आजीविका के माध्यम से आत्मनिर्भर बन सकें।
इसी गाँव में आंगनवाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण किया गया, जहाँ पोषण ट्रैकर, भवन की स्थिति और सेविका के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। उप विकास आयुक्त ने कहा कि निरीक्षण के आधार पर केंद्रों के बेहतर संचालन हेतु आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे।
इसके बाद उन्होंने लकड़ापहाड़ी गाँव में मडुआ (रागी) की खेती का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि मडुआ की खेती करने वाले किसानों को सरकार द्वारा ₹5000 की प्रोत्साहन राशि दी जाती है, जिसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण आवश्यक है। किसानों ने बताया कि पहले मडुआ की खेती होती थी, लेकिन कुछ समय के लिए यह बंद हो गई थी। पिछले दो वर्षों से JSLPS द्वारा बीज उपलब्ध कराए जाने के बाद यह खेती पुनः शुरू हुई है और अब इसमें किसानों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। उप विकास आयुक्त ने किसानों को खेती में गुणवत्ता और उत्पादन बढ़ाने की सलाह दी।
इस क्रम में उन्होंने गाँव के विद्यालय का भी निरीक्षण किया, जहाँ बच्चों की उपस्थिति और पढ़ाई की गुणवत्ता की समीक्षा की गई। उप विकास आयुक्त ने बच्चों एवं अध्यापकों से संवाद कर उपस्थित छात्रों के लिए सुधारात्मक कदम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अंत में नारगंजो स्थित केंद्र का निरीक्षण किया गया, जहाँ JSLPS के FPO द्वारा पोल्ट्री फीड प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव है। उप विकास आयुक्त ने कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए और कहा कि इस प्लांट के संचालन से क्षेत्रीय महिलाओं और किसानों को लाभ मिलेगा।
इस अवसर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी सौरव कुमार, JSLPS के जिला कार्यक्रम प्रबंधक निशांत एक्का, जिला आजीविका प्रबंधक दिवाकर मंडल, अन्य प्रखंड स्तरीय अधिकारी और बड़ी संख्या में सखी मंडल की महिलाएँ उपस्थित रहीं।
उप विकास आयुक्त ने सभी गतिविधियों और केंद्रों की निरंतर निगरानी करने, FPO के माध्यम से समूह आधारित आजीविका को प्रोत्साहित करने और महिलाओं की आय एवं आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर जोर दिया।
