
शाहपुर/भोजपुर (राकेश मंगल सिन्हा) 18 नवम्बर। भोजपुर जिला के शाहपुर प्रखंड के करजा गाँव में श्री त्रिदंडी स्वामी जी महाराज के परम शिष्य श्री लक्ष्मी प्रपन्न जीयर स्वामी जी महाराज ने प्रवचन के दौरान कहा कि धन के लालच में किसी के साथ विश्वासघात नहीं करना चाहिए। हो सकता है कि थोड़े से धन में काम चलाना पड़े या परेशानी उठानी पड़े, यह सही है। लेकिन सुख भोगने के लालच में अगर किसी मित्र, साथी या किसी भी व्यक्ति के साथ धन के लोभ में विश्वासघात किया जाय, यह कदापि उचित नहीं है। इससे बहुत बड़ा दोष लगता है। उन्होंने कहा कि भागवत कथा सुनने से कल्याण होता है। कथा सुनने के समय संसारिकता से अलग एकाग्रचित्त हो कर सुनने से फल की प्राप्ति होती है। भगवान की कृपा होने पर पति-पत्नी में मधुरता रहती है। यदि पत्नी कर्कशा हो और घर में बच्चों की किलकारी भी नहीं हो, तो सुख-शांति नहीं रहती है। उन्होंने कहा कि जो पाप दुराग्रह के साथ हो, वह महापाप है। ब्राह्मण, गाय, परिजन एवं महापुरुषों की हत्या और विश्वासी के साथ विश्वासघात करना महापाप की श्रेणी में आता है। शराब पीने, जुआ खेलने, हत्या करने और न्यायालय में मुकदमा करने वाले की सम्पति प्रायः नष्ट हो जाती है। इन कारणों से प्राप्त गरीबी का समाज उपहास करती है, क्योंकि अपनी गरीबी और बेबसी का कारण भी वे स्वयं होते हैं। ऐसे लोगों के प्रति किसी का दयाभाव नहीं होता। ये साधन का दुरुपयोग और दुराग्रह युक्त पाप के भागी होते है। उन्होंने कहा कि मांस खाना मनुष्य के लिए उचित नहीं है। मांस खाने के लिये परपोषी जीवों का कुतर्क नहीं देना चाहिए। मुनष्य के शरीर की संरचना परपोषी जीवों से अलग है। अगर मुनष्य छः माह कच्चा माँस खा ले तो चर्म रोग के साथ ही उसका पाचन तंत्र बुरी तरह कुप्रभावित हो जायेगा। अपने स्वार्थ और गलत इच्छा की पूर्ति के लिए कुतर्क का सहारा नहीं लेना चाहिए। इस अवसर पर संत अयोध्या नाथ जी महाराज, उधव स्वामी जी महाराज, वैकुंठ स्वामी जी महाराज, मीडिया प्रभारी अखिलेश बाबा, अध्यक्ष राजू ओझा मुखिया,अमरनाथ सिंह संयोजक, महेश ओझा, गजेंद्र ओझा, हरेंद्र यादव, देव शंकर यादव, दीपक पांडे ,अतुल यादव, सोमनाथ पांडे, मनमोहन यादव, पवन ओझा, मनीष यादव, विनोद यादव, मोनू यादव सहित बङी संख्या में लोग उपस्थित थे। 
