
RKTVNEWS/अनिल सिंह 30 जुलाई। आरा बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव रहे विद्या निवास सिंह उर्फ दीपक सिंह जो बीते 22 जुलाई को आरा बार एसोसिएशन के हुए चुनाव में अध्यक्ष पद के उम्मीदवार भी थे ने आज अपने द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति को प्रेषित करते हुए आरा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश कुमार मिश्रा द्वारा संघ के बायलॉज के तहत कार्यों को नही करने के अपने बयान के साथ उनकी कार्य शैली को आम अधिवक्ताओं की ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए कड़ी निन्दा की है।
पूर्व के कार्यकाल का वित्तीय लेखा जोखा हो सार्वजनिक।
विद्या निवास सिंह ने लगातार दो बार आरा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पद पर आसीन होने वाले राकेश कुमार मिश्रा से पिछले कार्यकाल में हुई वित्तीय अनियमितता की आशंका के तहत वित्तीय लेखा जोखा को एसोसिएशन के हर सदस्य के समक्ष सार्वजनिक करने की मांग की है।

पद सृजन का अध्यक्ष को नही है अधिकार।
बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव विद्या निवास सिंह ने बीते दिनों मीडिया प्रभारी पद का सृजन कर अधिवक्ता अमरेंद्र कुमार को मीडिया प्रभारी नियुक्त करने पर आपत्ति जताते हुए कड़ी निन्दा की है।
उन्होंने कहा है की मिडिया प्रभारी हो या कोई भी पद वो संघ के बायलॉज के अनुसार ही सृजित होता है जिसके लिए आमसभा बुलाते हुए उसके नियुक्ति की नियमसंगत प्रक्रिया को पूरा करने का प्रावधान बायलॉज में है। संघ के रूल ऑफ कोड्स का उलंघन करते हुए किसी पद का सृजन कर और उसपर व्यक्तिगत रुचि अनुसार किसी को मनोनीत करने की कार्य शैली खुद ब खुद यह साबित करती है की संघ के अध्यक्ष पद की गरिमा की आड़ में राकेश कुमार मिश्रा अपने निजी स्वार्थ को साध रहे है और बायलॉज की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
विद्या निवास सिंह ने बताया है की वित्तीय लेखा जोखा की अध्यक्ष से मांग के अलावा वित्तीय अनियमितता की आशंका के मद्देनजर उक्त विषय की इंडिया बार काउंसिल से जांच की अपील भी की है।

बयानों में भी है अनियमितता
अध्यक्ष पद उम्मीदवार रहे वरीय अधिवक्ता विद्या निवास सिंह उर्फ दीपक सिंह ने आरा बार एसोसिएशन में मीडिया प्रभारी के पद पर अधिवक्ता अमरेंद्र कुमार की नियुक्ति को ले दैनिक समाचार पत्रों में छपी खबर का हवाला और उसे साझा करते हुए कहा है की वित्तीय अनियमितता की आशंका हो या बायलॉज विरोधी कार्यशैली वो इनके खुद के बयान से प्रदर्शित होती है जहां एक तरफ मीडिया प्रभारी का इनके द्वारा नियुक्त किए जाने एवं अमरेंद्र कुमार को बधाई देते हुए बेहतर कार्य और संघहित में लिए गए निर्णय की बात पर बल देते हुए प्रेस को बयान देते है वही दूसरी तरफ किसी भी अधिवक्ता की मिडिया प्रभारी पद पर नियुक्ति उनके द्वारा नही किए जाने की बात करते हुए अधिवक्ता द्वारा स्वैच्छिक सहयोग करने की बात कही जाती है। वरीय अधिवक्ता ने उन्ही के बयानों पर तंज कसते हुए कहा की स्वैच्छिक सहयोग के लिए किसी पद की क्या आवश्यकता वो भी बिना बायलॉज पालन के। संघ के नियमानुसार किसी पद का सृजन व्यक्तिगत रूप से करने फिर वो चाहे किसी की स्वैच्छिक सहयोग की मनसा ही क्यों न हो संघ के बायलॉज के विरुद्ध है जो सिर्फ और सिर्फ व्यक्तिगत प्रभाव को बढ़ाने और निजी स्वार्थ की ओर ही इशारा करता है।अधिवक्ता ने चुनाव के बाद पदभार ग्रहण के पश्चात बायलॉज अनुसार तत्काल बुलाने वाली आमसभा के माध्यम से गठित होने वाली वरिष्ठ कमिटी का भी आठ दिन बीत जाने के बाद गठन नही किए जाने पर भी चिंता जाहिर की हैं।

बार काउंसिल की कार्यशैली की पारदर्शिता हेतु मीडिया का होना जरूरी: इंद्रदेव पांडेय (चुनाव प्रभारी)
आरा बार एसोसिएशन के 22 जुलाई को हुए चुनाव में चुनाव प्रभारी की भूमिका निभाने वाले वरिष्ठ एवं वरीय अधिवक्ता इंद्रदेव पांडेय ने बायलॉज अनुसार मीडिया प्रभारी की नियुक्ति के प्रति अपनी अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा की इस संबंध में मीडिया प्रभारी के पद की नियुक्ति बायलॉज में है या नहीं नही पता लेकिन बार काउंसिल की कार्यशैली की पारदर्शिता बनाए रखने हेतु मीडिया का होना जरूरी है।
