भीड़ को व्यवस्थित करने का प्रयास प्राथमिकता – अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद यादव
आरा/भोजपुर (दिनेश प्रसाद सिन्हा)18 फरवरी को महाशिवरात्रि है।इस निमित्त शहर के तमाम मंदिरों में एक दिन पूर्व से ही चहल-पहल बढ़ गई है। मंदिर समिति के लोग मंदिर को साफ सुथरा,सजावट तथा भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए सार्थक पहल में लगे हुए हैं।लोगों की आस्था बाधित नहीं हो, जिस भक्ति भावना से लोग मंदिर में भगवान शंकर को जलाभिषेक करने के लिए आ रहे हैं, उनके लिए अधिक से अधिक सुविधा मिले,इसके लिए समिति और पुलिस प्रशासन से भी सहयोग लेने की बात की गई है। कुल मिलाकर शांतिपूर्ण माहौल में पूजा पाठ की पवित्रता बनी रहे इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
शहर का प्राचीनतम मंदिर बाबा जागेश्वर नाथ उर्फ बुढ़वा महादेव महादेवा रोड आरा प्रसिद्ध मंदिर है।इस मंदिर के नाम पर ही मुहल्ले का नाम महादेवा पड़ा है। बुढ़वा महादेव मंदिर के पुजारी विवेक गिरी उर्फ लड्डू गिरी ने बताया कि मंदिर की स्थापना का साल, तिथि की जानकारी नहीं लेकिन हमारे पूर्वज पांच पुस्तो से इस बुढ़वा महादेव मंदिर के पुजारी रहे हैं। अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद यादव एवं उपाध्यक्ष शंकर जी केशरी, कोषाध्यक्ष विश्वनाथ प्रसाद केसरी ने बताया की महाभारत काल से ही बुढ़वा मंदिर की चर्चा पुस्तकों में है ।मंदिर में पांचों पांडवों ने बाबा भोलेनाथ पर जलाभिषेक किया था। श्रद्धा और विश्वास से जुड़े इस पवित्र मंदिर में हजारों लोग दर्शन करने के लिए आते हैं और प्रातः काल से ही लंबी कतार लगी रहती है। प्रातः 4:00 बजे पुजारी जी के जलाभिषेक का कार्य शुरू होता है, संध्या 6:30 बजे आरती होगी। अन्य लोगों में विनय कुमार, शंकर कुमार, रामू अखौरी आदि सक्रियता से लगे हुए है।
इसी संदर्भ में सिद्धनाथ मंदिर भी सिद्ध मंदिर के रूप में प्राचीन काल से चर्चा में रहा है। जहां भी हजारों भक्तगण जलाअभिषेक को जाते है। कल भगवान शंकर की बारात निकलेगी।




