RKTV NEWS/लखनऊ( उत्तर प्रदेश) 14 मार्च। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नये भारत का नये उत्तर प्रदेश में प्रत्येक क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य प्रारम्भ हुए हैं। अलग-अलग क्षेत्रों के परिणाम प्रदेश के अनलिमिटेड पोटेंशियल को व्यक्त करते हैं। इसीलिए यह यू०पी०कहलाता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व व मार्गदर्शन में प्रदेश के अनलिमिटेड पोटेशियल को राष्ट्र निर्माण के अभियान, युवाओं, उद्यमियों तथा विकास के साथ जोड़ने का कार्य किया गया है।
मुख्यमंत्री बुधवार को लोक भवन में आयोजित एम०एस०एम०ई० क्षेत्र के प्रोत्साहन हेतु प्रदेश के 2,49,878 उद्यमियों को बैंकों के माध्यम से 30,826 करोड़ रुपयेके ऋण वितरण हेतु एम०एस०एम०ई० मेगा लोन मेला कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एम०एस०एम०ई० इकाइयों के लाभार्थियों को ऋण राशि तथा जनपद उन्नाव में स्वीकृत प्लेज पार्क के विकासकर्ताओं को 02 करोड़ 57लाख 50 हजार रुपये का प्रतीकात्मक चेक प्रदान किया। मुख्यमंत्री जी ने औद्योगिक आस्थानों में भूखण्डों के आवंटन/हस्तान्तरण आदि की प्रक्रिया के ऑनलाइन पोर्टल काशुभारम्भ तथा ‘एक जनपद एक उत्पाद योजना’ व ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना’ के लाभार्थियों को टूलकिट का वितरण किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्रदेश की क्षमता पर प्रश्न खड़े किए जाते थे।उत्तर प्रदेश ने अपनी सामर्थ्य से सब प्रश्नों का उत्तर दे दिया है। अब हमें किसी को सफाई देने की आवश्यकता नहीं पड़ती, हमारा कार्य ही उत्तर दे देता है। उन्होंने कहा कि एम०एस०एम०ई० विभाग के माध्यम से प्रदेश में चलाए जा रहे ऋण वितरण कार्यक्रमसे ऋण वितरण राशि गत वर्ष की तुलना में दोगुना हुई है। विगत 07 वर्ष के दौरान यहलगभग 10 गुना बढ़ने की ओर अग्रसर है। यह प्रगति प्रदेश के आर्थिक उन्नयन कोप्रदर्शित करती है। इससे प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अनेक अवसर भी उपलब्ध होरहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज एक साथ बहुत सारे कार्यक्रम आयोजित किये जारहे हैं। यहां ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना’ और ‘एक जनपद एक उत्पाद योजना’ के अंतर्गत टूल किट वितरित की गयीं तथा निजी क्षेत्र के अन्तर्गत औद्योगिक पार्क विकसित करने की संकल्पना के साथ उन्नाव में प्रदेश के 11वें प्लेज पार्क को विकसित करने हेतु इन्सेंटिव का वितरण किया गया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्लेजपार्क समय सीमा में एम०एस०एम०ई० इकाई लगाने की कार्रवाई को तेजी के साथ आगेबढाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत 07 वर्षों में एम०एस०एम०ई० विभाग प्रदेश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों के लिए आशा की नई किरण बनकर उभरा है। यह प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार और नौकरी की सम्भावना वाला नया क्षेत्र बना है। यह क्षेत्र अपने अभिनव प्रयोग और नवाचार के माध्यम से प्रधानमंत्री जी के आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में तेजी के साथ आगे बढ़ा है।प्रदेश में ‘एक जनपद एक उत्पाद योजना’ वर्ष 2018 तथा ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना वर्ष 2019 में प्रारम्भ हुई। उत्तर प्रदेश, देश का पहला राज्य है, जोएम०एस०एम०ई० क्षेत्र के अन्तर्गत 10 एकड़ से 50 एकड़ क्षेत्रफल में निजी औद्योगिक पार्क स्थापित कर रहा है। अभी तक 10 जनपद इस योजना से जुड़ चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में एम०एस०एम०ई० क्षेत्र के अन्तर्गत उद्यमियों को05 लाख रुपये तक का सुरक्षा बीमा का कवर प्रदान किया गया है। प्रदेश में 96 लाख एम०एस०एम०ई० इकाइयों में से अब तक 40 लाख इकाइयां रजिस्टर्ड हो चुकी हैं।प्रत्येक जनपद में जिला उद्योग केन्द्रों के माध्यम से रजिस्ट्रेशन का कार्य विशेष अभियान के तहत आगे बढ़ाने की आवश्यकता है, जिससे सभी एम०एस0एम0ई० इकाइयों को रजिस्टर किया जा सके तथा यह इकाइयां ग्रेडिंग प्रक्रिया से जुड़कर युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर प्रदान कर सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि हमारे पास अच्छा एम०एस०एम०ई० बेस, लैण्ड बैंक तथा सुरक्षा का बेहतर वातावरण है, तो दुनिया के बड़े से बड़े निवेश को जमीनी धरातल पर उतारा जा सकता है। यू०पी० ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 में प्राप्त हुए 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव इसका उदाहरण हैं। इसमें से साढ़े 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव का प्रधानमंत्री जी के कर-कमलों द्वारा ग्राउण्ड ब्रेकिंग सेरेमनी के माध्यम से शिलान्यास किया जा चुका है। पहले प्रदेश में कोई आना नहीं चाहता था।आज राज्य निवेश का बेहतरीन गन्तव्य बनकर देश के सामने उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी, डिस्ट्रिक्ट लेवल बैंकर्स कमेटी तथा अन्य बैंकर्स की उदारता के परिणाम स्वरूप प्रदेश, देश में उद्योग क्षेत्र को सर्वाधिक ऋण प्रदान करने वाला राज्य है। प्रदेश मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन कररहा है। प्रदेश की वर्तमान विकास गति को थोड़ा सा और बढ़ाने की आवश्यकता है,ताकि आगामी 05 वर्षों में राज्य वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन सके। बैंकिंग सेक्टर में प्रदेश का सी०डी0 रेशियो 44 प्रतिशत से बढ़कर 56 प्रतिशत हो चुका है। इस वित्तीय वर्ष के अंत तक यह 57 प्रतिशत हो जाएगा। अगले वित्तीय वर्ष में इसे 65 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है। प्रदेश इस लक्ष्य को निश्चित रूप से प्राप्त करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की मंशा के अनुरूप प्रदेश को देश केग्रोथ इंजन के रूप में स्थापित करना है। इसके लिए मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को अधिक से अधिक मजबूती प्रदान करनी होगी तथा एम०एस०एम०ई० सेक्टर को और अधिक तेजी सेआगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना पड़ेगा। प्रदेश में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान प्रारम्भ किया गया है। इसके अंतर्गत एम०एस०एम०ई० इकाई लगाने वाला युवा05 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण प्राप्त कर सकता है। इस ऋण के चुकता होनेपर इस ऋण राशि को क्रमशः 7.5 लाख रुपये, 10 लाख रुपये तक पहुंचाया जाएगा,जिससे इस क्षेत्र में अनन्त सम्भावनाओं को आगे बढ़ाकर राज्य को मैन्युफैक्चरिंग के सबसे बड़े हब के रूप में स्थापित किया जा सके। इसका मेकैनिज्म प्रदेश सरकार द्वारा तैयार कर लागू किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले एन0सी0आर० में निवेश किया जाता था। आज प्रदेश के उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, बाराबंकी जैसे अन्य क्षेत्र भी निवेश आकर्षित कर रहे हैं। हाल ही में सम्पन्न ग्राउण्ड ब्रेकिंग सेरेमनी में प्रदेश के सभी 75 जनपदों में कुछ नकुछ निवेश अवश्य प्राप्त हुआ है। यह चीज दिखाता है कि प्रदेश में पहले से सम्भावनाएं थी, लेकिन सम्भावनाओं को जमीनी धरातल पर उतारने के लिए इच्छा शक्ति और प्रयास का अभाव था। डबल इंजन सरकार ने सम्भावनाओं को आगे बढ़ाने का कार्य किया है।इसका लघु चित्र गत वर्ष ग्रेटर नोएडा में सम्पन्न प्रथम इंटरनेशनल ट्रेड शो में देखने को मिला था। सितम्बर, 2024 में भी ग्रेटर नोएडा में इंटरनेशनल ट्रेड शो आयोजित किया जाएगा। अभी से इसकी तैयारी की जानी चाहिए। प्रदेश की सभी मैन्युफैक्चरिंग तथा एम०एस०एम०ई० इकाइयां अपने उत्पाद को इस ट्रेड शो में डिस्ले करें तथा लोगोंको प्रदेश की क्षमता व विकास से अवगत करायें।
मुख्यमंत्र ने कहा कि मुख्यमंत्री इन्टर्नशिप योजना को लागू करने की तैयारीकी जानी चाहिए। यह युवाओं को अध्ययन के दौरान इन्टर्नशिप के साथ जोड़ने तथा मैन पावर उपलब्ध कराने का कार्य करेगी तथा प्रधानमंत्री जी की मंशा के अनुरूप राष्ट्रीय रोजगार कार्यक्रम के लक्ष्य को प्राप्त करने में भी सहायक साबित होगा। देश व प्रदेश के विकास में सहायक ‘एक जनपद एक उत्पाद योजना’, ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान’ जैसी योजनाएं हस्तशिल्पियों व कारीगरों की कला व हुनर को प्रोत्साहित कर रही हैं। आज ढाई लाख उद्यमियों को लगभग 31 हजार करोड़ रुपये के ऋण का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सभी उद्यमी समय सीमा में अपना कार्य आगे बढ़ा दें। यदि किसी प्रकार की समस्या हो, तो वह जिला उद्योग केंद्र, जिला प्रशासन, विभाग तथा मुख्यमंत्री कार्यालय के साथ संवाद बनाएं। प्रदेश सरकार पूरा सहयोग प्रदान करेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि अब पर्व व त्योहारों पर प्रयोग किए जाने वाले तथा उपहार के रूप में दिए जाने वाले उत्पादों को एम०एस०एम0ई० इकाइयों के माध्यम से स्थानीय रूप से विनिर्मित किया जा रहा है। चीन यहां के बाजार से बाहर हो चुका है।यह राष्ट्रवाद का प्रतीक है। देश में बना उत्पाद अच्छा होने के साथ-साथ यहां के हस्तशिल्पियों और कारीगरों के चेहरे पर चमक भी लाता है। उन्हें इस बात का एहसास होता है कि उनका भविष्य उज्ज्वल है तथा योजनाओं के माध्यम से उनकी विरासत को संरक्षित करने का कार्य किया जा रहा है। इसे और अधिक प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। पर्व और त्योहार का इससे अच्छा आनन्द और क्या हो सकता है कि हमारे लोगों द्वारा बनाया गया उत्पाद हमारे मार्केट में छा रहा है तथा चीन का उत्पाद मार्केट से दूर होता जा रहा है। लोगों ने अघोषित रूप से स्वयं ही चीन के उत्पादों का बहिष्कार कर दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा की प्रदेश के अलग-अलग जनपदों में कॉमन फैसिलिटेशन सेंटर स्थापित किये जा रहे हैं। यह सेंटर ग्रेडिंग तथा बाजार की मैपिंग का कार्य करें तथा बाजार की मांग के अनुसार उत्पादों को उपलब्ध कराने का प्रयास करें। यदि उत्पादों को अच्छी पैकेजिंग के साथ जोड़कर बाजार में भेजेंगे तो इन उत्पादों के लोकप्रिय होने में देर नहीं लगेगी।
कार्यक्रम को एम०एस०एम०ई० मंत्री राकेश सचान ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त मनोज कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव एम०एस०एम०ई० अमितमोहन प्रसाद, महाप्रबंधक और समन्वयक एस०एल०बी0सी0 समीर रंजन पाण्डा सहितशासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, उद्यमी, बैंकर्स तथा योजनाओं के लाभार्थीगणउपस्थित थे।

