आरा/ भोजपुर 10 जनवरी।आरा के युवा चित्रकार संजीव सिन्हा, अध्यक्ष सर्जना न्यास को मुहम्मदाबाद, गाजीपुर में आयोजित” संभावनाएं 2024″, चित्रकला कार्यशाला एवं विचार गोष्ठी में 9 जनवरी 2024 को ”संभावना कला रत्न” से सम्मानित किया गया। ये सम्मान डॉ राजकुमार की स्मृति में आयोजित किया गया था जिनका पिछले वर्ष निधन हो गया। यह कर्तव्यनिष्ठ कला अध्यापक जिन्होंने युवा कलाकारों की फौज खड़ा कर दी है, जो राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्य कर रहे हैं, राजकुमार कहते थे एक तो मै मरूंगा नहीं और मरूंगा भी तो आदि कवि विद्रोही कवि की तरह ‘अंत में नहीं’, मै जिंदा रहूँगा, मै दावे के साथ कहता हूँ कि मै जिंदा रहूँगा, तुम ही लोगों के बीच।
सम्भावना कला मंच की ओर से ये सम्मान इनके अलावा रामबली प्रजापति, (गाजियाबाद) अनिल शर्मा(वाराणसी) भुपेन्द्र अस्थाना(लखनऊ) मीनाक्षी, कलबुर्गी(कर्नाटक) को दिया गया। डॉ राज कुमार स्मृति कला सम्मान राकेश ‘दिवाकर’ (स्मृतिशेष) स्वतंत्र चित्रकार कला समीक्षक को उनके द्वारा किए गए कार्यों के लिए उनके पुत्र विक्रांत सिंह को दिया गया। आपको बता दे की श्री दिवाकर चित्रकला के साथ-साथ लेखन व कला समीक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर जाने जाते थे।
आपको बता दे कि संजीव सिन्हा को ये सम्मान उनके चित्रकला के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए खासकर भोजपुरी चित्रकला में उनके द्वारा किए गए प्रयासों जिसमें भोजपुरी कला यात्रा, चित्र कार्यशाला, गोष्ठी के माध्यम से जोड़ने का काम कर रहे हैं, आज भोजपुरी चित्रकला की राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बात हो रही है, जो इनके के प्रयासों का प्रतिफल है भोजपुरी कला के उत्थान के लिए निरंतर नये प्रयोग समकालीन विषयों का समावेश कर एक नये सवरूप में स्थापित कर रहे हैं, साथ ही भोजपुरी भाषा, साहित्य और कैथी लिपि के संवर्धन का भी कार्य कर रहे हैं। उनके कार्यों को देखते हुए ही इनको पिछले वर्ष अखिल भारतीय भोजपुरी छात्र संघ का चीफ जेनरल सेक्रेटरी भी बनाया गया है। इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए सर्जना न्यास के राष्ट्रीय संयोजक मनोज दुबे ने कहा की संजीव जी द्वारा किए गए कार्य भोजपुरी कला व संस्कृति के लिए मिल का पत्थर साबित होंगे। बधाई देने वालों में डॉ अर्चना सिंह, कुमार द्विजेन्द्र, दीपेश कुमार, अखौरी विजय कु., दीपा श्रीवास्तव, स्वाति सिंह, विक्रांत सिंह आदि है।
