वैशाली/बिहार 08 जनवरी।श्रम संसाधान विभाग की कार्यों एवं योजनाओं की अपने कार्यालय कक्ष में समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी के द्वारा श्रम प्रर्वतन पदाधिकारियों को धावा दल के माध्यम से बाल श्रमिकों की पहचान कर विमुक्त कराने एवं 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से कार्य ले रहे संस्थान / प्रतिष्ठान आदि के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
श्रम अधीक्षक वैशाली के द्वारा बताया गया कि बाल एव किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमतन, 1986) के अन्तर्गत इस वित्तीय वर्ष-2023-24 में 38 धावादल संचालन किया गया। वैशाली जिलान्तर्गत उक्त अवधि में 47 बाल श्रमिकों का विमुक्त कराया गया है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 10 बाल श्रमिकों का एफडी कराया गया है। जिलाधिकारी के द्वारा निर्देश दिया गया कि बाल श्रमिक विमुक्त हेतु गठित धावादल में नये गैर-सरकारी संगठनों को जोड़ा जाय तथा पूर्व में कार्यरत सभी गैर-सरकारी संगठनों को धावादल से बाहर किया जाय।
श्रम अधीक्षक, वैशाली ने बताया कि बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अन्तर्गत वैशाली जिलान्तर्गत वित्तीय वर्ष-2023-24 में कुल 5488 निर्माण श्रमिकों को निबंधित किया गया है। निबंधन की संख्या में वृद्धि हेतु वैशाली जिला के विभिन्न अंचलों में पदस्थापित श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों द्वारा साप्ताहिक कैम्प आयोजित कर निबंधन करने हेतु जिलाधिकारी वैशाली के द्वारा निर्देश दिया गया।
बिहार शताब्दी अंसगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना, 2011 के अन्तर्गत अधिक से अधिक आवेदनों का सृजन किया जाय। इस कार्य हेतु इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के साथ-साथ विभिन्न प्रखंडों में कैम्प का आयोजन करने का निर्देश दिया गया।
ई-श्रम निबंध की कुल संख्या 923306 है जो जिला के लिए निर्धारित लक्ष्य का 78.71 प्रतिशत है। श्रम अधीक्षक के द्वारा बताया गया कि ई-श्रम के अन्तर्गत 26.08.2021 से 31.03.2022 तक निबंधित कार्ड धारकों की दुर्घटना की स्थिति में मृत्यु हेतु 2 लाख रूपये तथा पूर्ण स्थायी निशक्तता हेतु 1 लाख रूपये देय है। ऐसे आवेदकों को आवेदन करने की तिथि-28.02.2024 तक निर्धारित है। इस संबंध में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि उक्त योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाय।

