पटना/बिहार (राकेश मंगल सिंहा) 23 अगस्त। चंद्रयान 3 के चांद की सतह पर सफल लैंडिंग से लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। जैसे ही चंद्रयान-3 चंद्रमा की सतह पर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शाम लगभग 6:04 बजे उतरा, देशवासी खुशी से झूम उठे। लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं था। और हो भी क्यों नहीं। इसरो के वैज्ञानिकों की टीम ने वह कारनामा कर दिया जो दुनिया के किसी भी देश ने अब तक नहीं किया। चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल तरीके से चंद्रयान 3 की लैंडिंग के साथ ही भारत दुनिया का पहला देश बन गया। चंदा मामा के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला प्रथम देश बना भारत। हालांकि चांद पर सफलतापूर्वक लैंडिंग करने वाला चौथा देश है भारत। अब तक अमेरिका, सोवियत संघ और रूस ने चांद पर सफल लैंडिंग की है। इसरो के वैज्ञानिकों सहित इस प्रोजेक्ट में लगे वैज्ञानिकों के सफल प्रयास और चार साल की मेहनत ने रंग दिखाया। “चंदा मामा दूर के” वाली कहावत अब निरर्थक हो गई है। अब चंदा मामा दूर के नहीं बल्कि पास के हो गए हैं। भारत माता और चंदा मामा का मिलन हो गया। चंदा मामा को राखी की सौगात मिल गई। हमारे वैज्ञानिकों ने एक कीर्तिमान रच दिया। इससे हमारा सीना गर्व से फूले नहीं समा रहा है।

अगर देखा जाए तो इसरो ने चांद पर तिरंगा फहरा दिया। यह कहना है सीताराम राजेंद्र प्रसाद (एस आर पी) कालेज के व्याख्याता लक्ष्मण कुमार का।

गृहणी अनिता सिन्हा ने कहा कि इसरो के वैज्ञानिकों ने चंदा मामा को भारत माता की तरफ से राखी की सौगात देकर भाई बहन के रिश्ते को और प्रगाढ़ किया है।

नौकरी पेशा युवती स्निग्धा शुभम और छात्र कुशाग्र शिवम का कहना है कि हमारे वैज्ञानिकों ने वह कारनामा कर दिखाया है जो अब तक दुनिया का कोई भी देश के नहीं कर सका। इससे हम भारतीय अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।

एक अन्य कामकाजी हिमांशु वर्मा ने कहा कि चांद पर तिरंगा देखकर बहुत खुशी हो रही है। सभी ने इसरो के वैज्ञानिकों को कोटि-कोटि धन्यवाद दिया है।
