
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)16 मई।वट सावित्री पूजन के अवसर पर श्रीहनुमत्सदन फ्रेंड्स कॉलोनी में श्रीसनातन शक्तिपीठ संस्थानम् एवं सनातन-सुरसरि सेवा न्यास के संयुक्त तत्वावधान में पूजन-अर्चन एवं प्रवचन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं महिलाओं ने भाग लेकर वट सावित्री व्रत का विधिवत पूजन किया।
प्रवचन करते हुए आचार्य भारतभूषण ने कहा कि ज्येष्ठ अमावस्या पर मनाया जाने वाला वट सावित्री व्रत देवियों के शील, सतीत्व और सौभाग्य की रक्षा एवं संवर्धन करने वाला महत्वपूर्ण अनुष्ठान है। उन्होंने बताया कि यह व्रत ज्येष्ठ कृष्ण प्रदोष से प्रारंभ होकर अमावस्या तक चलता है, जिसमें महिलाएं वटवृक्ष के मूल में 108 बार कच्चा सूत लपेटते हुए परिक्रमा करती हैं तथा महासती सावित्री की पूजा-अर्चना कर दान-पुण्य करती हैं। आचार्य ने कहा कि महाभारत में वर्णित सावित्री की कथा भारतीय नारी के सतीत्व, निष्ठा और संकल्प की अद्भुत मिसाल है। उन्होंने कहा कि महासती सावित्री ने अपने तप और सतीत्व के बल पर स्वयं यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे। सती स्त्रियों के पुण्य और तप से परिवार सुरक्षित एवं समृद्ध होता है। उन्होंने महिलाओं से सीता और सावित्री के आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन सचिव सत्येन्द्र नारायण सिंह ने किया। पूजन-अर्चन में मधेश्वर नाथ पांडेय, ब्रजकिशोर पांडेय, अजय मिश्र एवं निलेश कुमार मिश्र ने सहयोग किया।कार्यक्रम में शिवदास सिंह, विश्वनाथ दूबे, महेंद्र गिरि, ध्रुव कुमार सिंह, जनार्दन मिश्र, पिंटू सिंह सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
