कुलपति ने मुख्यमंत्री से सौजन्य भेंट कर विवि की उपलब्धियों से अवगत कराया।
सीएम ने संस्कृति का संरक्षण एवं संवर्धन करने में विवि की भूमिका को बेहतर बताया।
खैरागढ़/छत्तीसगढ़ (रवींद्र पांडेय) 26 मई। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. डाॅ. लवली शर्मा ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सौजन्य भेंट की। इस दौरान डाॅ. शर्मा ने मुख्यमंत्री को विश्वविद्यालय की उपलब्धियों से अवगत कराया। उन्होंने विश्वविद्यालय के विकास की गतिशीलता को आगे बढ़ाते हुए अपने द्वारा किए गये कार्यों से अवगत कराया एवं जीवन का कला के प्रति पूर्ण समर्पण को लेकर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस तरह उप्र में जन्मी लड़की ने न केवल मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ में संस्कृति का संरक्षण एवं संवर्धन किया वरन वैश्विक स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर भारतीय संस्कृति का परचम लहरा रही हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने डाॅ. शर्मा द्वारा किए जा रहे संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन की सराहना करते हुए अनेक विचारणीय एवं महत्वपूर्ण पहलुओं को उनके समक्ष रखा। किस तरह पं. छन्नूलाल जी के एक ही गांव हरिद्वार, आजमगढ़ से न जाने कितने संगीतज्ञ समक्ष आए हैं। किस तरह गोरखपुर के संगीत प्रेमियों ने 1991 से 2019 तक सांगीतिक प्रयास जारी रखे एवं सरकार को सांगीतिक हड़ताल करके अपने पक्ष में किया, जिसका परिणाम वहां का ‘‘बाबा गंभीर नाथ’’ ऑडिटोरियम है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति को अक्षुण्ण बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है, पिछले वर्षों में इस पर ध्यान नहीं दिया गया। किस तरह वृन्दावन हरिदास जी व तानसेन से जुड़े हैं, उनके ऊपर शोध होने चाहिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्राचीन वाद्यों में गहराई थी, आध्यात्मिकता थी, उनमें तीव्रता नहीं थी। प्राचीन वाद्यों को लेकर भी कार्य होने चाहिए। हमें संस्कृति के संरक्षण के लिए बेहतर कदम उठाने हैं। राजा मानसिंह तोमर, इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय एवं भातखंडे विश्वविद्यालय इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम हैं। मुख्यमंत्री ने कुलपति डाॅ. शर्मा को संस्कृति के संरक्षण में हर संभव सहयोग करने का आश्वासन दिया। भेंट के दौरान कुलपति डाॅ. शर्मा ने मुख्यमंत्री को उत्तर प्रदेश पहुंचने के आशय से अवगत कराते हुए बताया कि 23 मई को इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय एवं मुख्यमंत्री श्री योगी के गोरखनाथ मंदिर के गोरक्षपीठाधीश्वर होने के नाते प्रदेश में विशिष्ट स्थान रखने वाले गोरखपुर स्थित दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के साथ एम.ओ.यू. हस्ताक्षर किया गया। 26 एवं 27 मई को भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में विशेष व्याख्यान हेतु आमंत्रित हैं। मुख्यमंत्री ने कुलपति डाॅ. शर्मा द्वारा विश्वविद्यालय के विकास को गतिशीलता प्रदान करने के लिए द्रुत गति से किए जा रहे कार्यों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने शिक्षा में नवाचार, नवोन्वेषण एवं शोधात्मक गतिविधियों के विस्तार पर विशेष रुचि को दृष्टिगत रखते हुए विश्वविद्यालय एवं संस्कृति के विकास के क्षेत्र में सहयोग की आवश्यकता होने पर हर संभव सहयोग प्रदान करने आश्वस्त किया।

