इटखोरी प्रखंड में स्थल निरीक्षण के बाद जल स्रोत के समुचित उपयोग की दिशा में पहल; पेयजल पखवाड़ा के तहत किया जाएगा विकास कार्य।
RKTV NEWS/चतरा ( झारखंड)24 अप्रैल।सोशल मीडिया (ट्विटर हैंडल) के माध्यम से प्राप्त शिकायत के आलोक में, जिसमें इटखोरी प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कोनी में पेयजल संकट एवं हैंडपंप के खराब होने की बात सामने आई थी, जिला प्रशासन चतरा द्वारा मामले का त्वरित संज्ञान लिया गया। उपायुक्त रवि आनंद ने तत्काल प्रखंड विकास पदाधिकारी, इटखोरी को स्थल जांच कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
निर्देश के अनुपालन में प्रखंड विकास पदाधिकारी, इटखोरी द्वारा ग्राम पंचायत कोनी पहुंचकर संबंधित स्थल का निरीक्षण किया गया। जांच के क्रम में पाया गया कि उक्त स्थल पर वर्षभर प्राकृतिक रूप से जल का रिसाव होता है, जिसका उपयोग स्थानीय ग्रामीण नहाने-धोने एवं अन्य दैनिक कार्यों में करते हैं। ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि यह जल स्रोत लंबे समय से विद्यमान है एवं निरंतर प्रवाहित रहता है।
प्रखंड विकास पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित यह दावा कि कोनी पंचायत के ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं एवं दूषित पानी के उपयोग को विवश हैं, तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है। उन्होंने बताया कि पेयजल समस्या निवारण पखवाड़ा के अंतर्गत वार्डवार सूची के अनुसार खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत का कार्य निरंतर किया जा रहा है।
स्थल निरीक्षण के उपरांत यह निर्णय लिया गया कि उक्त जल स्रोत का समुचित प्रबंधन एवं संग्रहण कर उसे उपयोगी बनाया जाएगा, जिससे आमजनों को बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सके। इस दिशा में तकनीकी रूप से स्टोरेज एवं लिफ्ट इरिगेशन प्रणाली विकसित करने की संभावनाओं पर कार्य किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि जिले में 24 अप्रैल से 11 मई 2026 तक पेयजल समस्या निवारण पखवाड़ा संचालित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत ऐसे सभी स्थलों की पहचान कर पेयजल संबंधी समस्याओं के स्थायी समाधान हेतु ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

