15 मार्च को वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय सभागार में “समता महाजुटान कन्वेंशन” का होगा आयोजन।
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)12 मार्च।आरा शहर में स्थित भाकपा माले जिला कार्यालय श्रीटोला, भोजपुर में समता आंदोलन के तहत #RYA,आइसा, छात्र राजद, युवा राजद,भीम आर्मी, समता मूलक संग्राम,के छात्र-युवा संघठनों कि बैठक और संयुक्त प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इसके माध्यम से यूजीसी रेगुलेशंस- 2026 पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक लगाने के खिलाफ तथा SC/ST/EBC/BC के लिए 65 प्रतिशत आरक्षण को प्रभावी रूप से लागू करने की मांग को लेकर चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की गई.
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए समता आंदोलन के नेताओं ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सामाजिक न्याय और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए राज्यभर के शैक्षणिक संस्थानों, वेलफेयर हॉस्टलों और वंचित-बहुजन समाज के बीच व्यापक जनअभियान बिहार भर में अलग-अलग जोनों में समता आंदोलन अभियान चलाया जा रहा है. शिक्षण संस्थानों में बराबरी, प्रतिनिधित्व और न्याय की लड़ाई को और तेज कर यूजीसी- 2026 को रोहित एक्ट के तर्ज पर लागू करने की मांग करते हुए 15 मार्च को VKSU सभागार में “समता महाजुटान कन्वेंशन” आयोजित किया जाएगा, विपक्ष छात्र-युवा, सामाजिक संगठनों और सामाजिक न्याय के पक्षधर बुद्धिजीवियों की भागीदारी होगी!
AISAराज्य सचिव साबिर कुमार,RJD युवा जिला अध्यक्ष शैलेंद्र राम, भीम आर्मी युवा प्रदेश अध्यक्ष रितेश कुमार यादव,आरवाईए जिला सचिव निरंजन केशरी, समता मूलक संग्राम राष्ट्रीय महासचिव नवनीत राणा,RJD जिला प्रवक्ता आलोक रंजन,RYA जिला अध्यक्ष विशाल कुमार,AISA जिला सचिव विकाश कुमार,RJD युवा प्रधान महासचिव रजनीश यादव,AISA जिला अध्यक्ष सुशील यादव, ने प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के दबाव में यूजीसी गाइडलाइन तो लेकर आई, लेकिन उसमें जातिगत भेदभाव को खत्म करने के लिए कोई ठोस और स्पष्ट प्रावधान नहीं रखा गया।
सरकार की कमजोर पैरवी और अस्पष्ट नीति के कारण ही सुप्रीम कोर्ट ने इस गाइडलाइन पर रोक लगाई. यह दर्शाता है कि सरकार शिक्षा मे सामाजिक न्याय के सवाल पर गंभीर नहीं है. यह समता आंदोलन किसी जाति या समुदाय के खिलाफ नही है. यह जातिगत विशेषाधिकार और असमानता के खिलाफ समता और सामाजिक न्याय की लड़ाई है। सामाजिक न्याय, समान प्रतिनिधित्व और संविधान प्रदत्त अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा, और यदि सरकार तथा संस्थाएं इस सवाल को नजर अंदाज करती हैं तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। मौके पर समाजिक न्याय आंदोलन के नेता रमेश यादव,आग्रसेन राजू राम, अखिलेश गुप्ता, विवेक कुमार यादव, अप्पू यादव, अमित यादव, जयशंकर कुमार, रौशन कुशवाहा, रामनवाज खान, रंजन पासवान, सुधीर कुमार, दर्जनों छात्र- युवा नेता शामिल रहे!

