
नयी दिल्ली/मनोज कुमार प्रसाद 27 अप्रैल।भारत और न्यूजीलैंड के बीच आज ऐतिहासिक भारत–न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) पर हस्ताक्षर हुए, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की आर्थिक कूटनीति, वैश्विक व्यापार विस्तार और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प की एक बड़ी उपलब्धि है। यह समझौता भारत को विश्व व्यापार में नए अवसर प्रदान करेगा तथा व्यापार, निवेश, नवाचार, कृषि, प्रौद्योगिकी और जन-से-जन संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स(कैट) ने इस समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत लगातार वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है और यह एफ़टीए उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
संसद सदस्य एवं कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत को वैश्विक व्यापार का केंद्र बनाने की प्रतिबद्धता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के कुशल मार्गदर्शन, अथक प्रयासों और प्रभावशाली वार्ताकारिता ने इस समझौते को सफलतापूर्वक अंतिम रूप दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि यह एफ़टीए भारतीय व्यापारियों, उद्योगों और उद्यमियों के लिए वैश्विक अवसरों के नए द्वार खोलेगा। विशेष रूप से एमएसएमई , स्टार्टअप्स और महिला उद्यमियों के लिए यह समझौता गेम-चेंजर सिद्ध होगा। एमएसएमई को नए निर्यात बाजार मिलेंगे, स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय सहयोग के अवसर प्राप्त होंगे और महिला उद्यमियों को वैश्विक व्यापार में मजबूत भागीदारी का मार्ग मिलेगा।
श्री खंडेलवाल ने कहा कि यह समझौता विशेष रूप से भारत के श्रम-प्रधान क्षेत्रों—टेक्सटाइल, परिधान, लेदर, फुटवियर, इंजीनियरिंग उत्पाद और प्रोसेस्ड फूड—को 100 प्रतिशत ड्यूटी-फ्री एक्सेस प्रदान करेगा, जिससे भारतीय निर्यात को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने बताया कि भारत के टेक्सटाइल एवं गारमेंट्स, होम टेक्सटाइल्स, लेदर एवं फुटवियर, इंजीनियरिंग एवं मैन्युफैक्चरिंग, मशीनरी, प्लास्टिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि एवं प्रोसेस्ड फूड, मसाले, ऑर्गेनिक उत्पाद, जेम्स-ज्वेलरी, कार्पेट, सिरेमिक्स और ऑटो कंपोनेंट्स जैसे क्षेत्रों को इस समझौते से व्यापक लाभ मिलेगा।
साथ ही न्यूजीलैंड से भारत को लकड़ी, कोकिंग कोल, मेटल स्क्रैप, एग्री-टेक, डेयरी तकनीक, वूल आदि कच्चा माल एवं संसाधन प्रतिस्पर्धात्मक दामों पर उपलब्ध होंगे, जिससे भारतीय उद्योगों की लागत घटेगी और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी।
श्री खंडेलवाल ने कहा कि यह समझौता प्रधानमंत्री मोदी के ‘लोकल टू ग्लोबल’ विजन को साकार करेगा और भारत के छोटे व्यापारियों, निर्माताओं तथा उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धी बनाएगा। यह एफ़टीए भारत के व्यापारिक परिदृश्य को नई दिशा देगा और देश को वैश्विक आर्थिक महाशक्ति बनाने की दिशा में एक और सशक्त कदम सिद्ध होगा।
