’10 साल, 10 घंटे’ के परिश्रम से ही मिलेगी कला में उत्कृष्टता – रुसेन कुमार ने छात्र-कलाकारों को किया प्रेरित।
खैरागढ़/छत्तीसगढ़ (रवींद्र पांडेय) 19 जनवरी। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ में कुलपति प्रो. डॉ. लवली शर्मा के निर्देशन में भारतीय संविधान के शिल्पकार डॉ. भीमराव आंबेडकर की जीवनी पर आधारित एक दिवसीय चित्रकला (पेंटिंग) कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला विश्वविद्यालय के चित्रकला विभाग एवं आंबेडकर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई, जो डॉ. आंबेडकर की 135वीं जयंती को समर्पित एक रचनात्मक एवं बौद्धिक पहल रही।
कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित आंबेडकर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के राष्ट्रीय अध्यक्ष रुसेन कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि एक श्रेष्ठ कलाकार बनने के लिए निरंतर परिश्रम, अनुशासन और अध्ययन आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि कोई कलाकार प्रतिदिन 10 घंटे अभ्यास कर 10 वर्षों तक निरंतर मेहनत करता है, तो वह निश्चित रूप से अपनी कला में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकता है। दृश्यकला संकाय के अधिष्ठाता डॉ. मानस साहू ने विद्यार्थियों से कार्यशाला के विषय को गहराई से समझकर अपनी पेंटिंग तैयार करने कहा। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक के रूप में वे सभी विद्यार्थियों को भविष्य में बड़े कलाकार के रूप में देखना चाहते हैं, जिसके लिए सभी को कड़ी मेहनत और समर्पण के साथ कार्य करना होगा।
कार्यशाला के प्रारंभ में चित्रकला विभाग के शोधार्थी अमित कुमार ने डॉ. भीमराव आंबेडकर के जीवनवृत्त, उनके संघर्ष, विचारों और सामाजिक योगदान पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों ने अपने विवेक, कल्पनाशीलता और सृजनात्मक दृष्टिकोण से डॉ. आंबेडकर के जीवन और विचारों को कैनवास पर उकेरते हुए अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का संचालन चित्रकला विभाग के सहायक प्राध्यापक एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ. विकास चंद्रा द्वारा किया गया।

