आर्थिक विविधीकरण और स्थानीय भागीदारी के माध्यम से भविष्य की तैयारी।
RKTV NEWS/चतरा(झारखंड)26 दिसंबर।सेंटर फॉर एनवायरनमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट (CEED) द्वारा टांडवा पंचायत भवन, चतरा में सस्टेनेबल जस्ट ट्रांजिशन पर एक सामुदायिक परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधि, प्रशासन, नागरिक समाज संगठन और स्थानीय समुदाय के सदस्य शामिल हुए।
परिचर्चा का उद्देश्य चतरा जैसे कोयला-आधारित लेकिन आकांक्षी ज़िले में आर्थिक विविधीकरण, वैकल्पिक आजीविका और समावेशी विकास के अवसरों पर संवाद स्थापित करना था। चर्चा के प्रमुख विषयों में हरित रोज़गार, जलवायु-अनुकूल कृषि, कौशल विकास, महिलाओं की भागीदारी और DMFT व CSR संसाधनों के प्रभावी उपयोग शामिल रहे।
कार्यक्रम में अश्विनी अशोक, निदेशक – जस्ट ट्रांजिशन, सीड (CEED),टांडवा मुखिया सुनीता देवी, विभिन्न पंचायत प्रतिनिधि, तथा स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इस अवसर पर अश्विनी अशोक ने कहा, “चतरा जैसे ज़िलों में जस्ट ट्रांजिशन का अर्थ कोयले से अचानक दूरी बनाना नहीं, बल्कि समुदायों को भविष्य के लिए तैयार करना है। आर्थिक विविधीकरण और समुदाय-आधारित योजना एक हरित और समावेशी अर्थव्यवस्था की नींव हैं।”
CEED के हालिया अध्ययन के निष्कर्षों के आधार पर चर्चा में यह सामने आया कि कोयला खनन क्षेत्रों के आसपास आजीविका के सीमित विकल्प, कम औपचारिक शिक्षा और कौशल विविधता की कमी एक बड़ी चुनौती है। प्रतिभागियों ने नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि-प्रसंस्करण, एग्रो-फॉरेस्ट्री, पर्यटन और लो-कार्बन MSME को भविष्य के प्रमुख अवसरों के रूप में चिन्हित किया।
कार्यक्रम का समापन चतरा में एक न्यायसंगत, समावेशी और सतत ऊर्जा संक्रमण के लिए बहु-पक्षीय सहयोग को मज़बूत करने के संकल्प के साथ हुआ।
सीड (CEED) के बारे में
सेंटर फॉर एनवायरनमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट (CEED) जलवायु रेसिलिएंस, ऊर्जा संक्रमण, डीकार्बनाइजेशन, सर्कुलर इकोनॉमी और स्वच्छ पर्यावरण से जुड़े विषयों पर कार्यरत संस्था है। CEED झारखंड सरकार की सस्टेनेबल जस्ट ट्रांजिशन टास्क फोर्स का तकनीकी साझेदार है।
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