
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)22 नवंबर।सामाजिक संस्था दिशा एक प्रयास, भोजपुर द्वारा बाल विवाह रोकने के लिए 100 दिवसीय नये अभियान की शुरुआत की है। एक्सेस टू जस्टिस (जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन) परियोजना के तहत शुक्रवार को भोजपुर के आरा सदर और उदवंतनगर प्रखंड के विभिन्न गांवों में जाकर बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया गया।
संस्था की सचिव डॉ. कुमारी सुनिता सिंह ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समुदाय में जागरूकता फैलाना,अभिभावकों को बाल विवाह न करने के लिए समझाना,इसके सामाजिक व मानसिक नुकसान से अवगत कराना, बालिकाओं को शिक्षा, सुरक्षा और अधिकारों से जोड़ना मजबूत बनाना है। इन्होंने बताया की इसके लिए टीम द्वारा गांव-गांव रैलियाँ, चौपाल, माता–पिता बैठक, किशोर-किशोरियों के साथ संवाद तथा स्कूलों में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि बाल विवाह न केवल सामाजिक बुराई है बल्कि एक दंडनीय अपराध है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 (PCMA 2006) के तहत किसी भी बालक (21 वर्ष से कम) या बालिका (18 वर्ष से कम) का विवाह कराना, करवाना या उसमें सहयोग करना अपराध की श्रेणी में आता है। इस कानून के अनुसार बाल विवाह में शामिल अभिभावक, रिश्तेदार, पंडित/काज़ी, बराती, वाहन चालक सहित सभी जिम्मेदार व्यक्तियों पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। कानून का उल्लंघन करने पर दो वर्ष तक की कारावास, ₹1 लाख तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। बाल विवाह की सूचना तुरंत मिलते ही बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, स्थानीय थाना या प्रखंड प्रशासन को सूचित करना आवश्यक है।
संस्था का लक्ष्य है कि कानूनी जानकारी, सामाजिक संवाद और समुदाय की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से भोजपुर जिले को 2030 तक बाल विवाह मुक्त बनाया जा सके।इस अभियान में कुणाल गुप्ता, संजीत कुमार सिंह, रंजू कुमारी, बिरेन्द्र सिंह, अखिलेश कुमार यादव आदि सक्रिय रूप से शामिल थे।
